यूपी बोर्ड के लिए प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों की सूची जारी हो चुकी है। यूपी बोर्ड की केंद्र नीति के अनुसार जिन कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया जाता है वहां की छात्राओं को स्वकेंद्र की सुविधा मिलती है।
शिक्षक संघ का आरोप है कि यही वजह है कि कॉलेज अपने यहां सेंटर बनवाने को लेकर उतावले रहते हैं। पिछले साल की तरह इस बार भी प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों की सूची में कई दागी कॉलेज शामिल हैं।
इन कॉलेजों में फर्जी पंजीकरण की काफी शिकायतें दर्ज की गई हैं। शिक्षक संघ के अनुसार छात्रों के साथ ही छात्राओं का भी भारी संख्या में फर्जी पंजीकरण कराया जाता है।
छात्रों के फर्जीवाड़े में उनका परीक्षा केंद्र बनवाने में जुगाड़ लगाना पड़ता है जबकि छात्राओं के मामले में इसकी कोई टेंशन नहीं रहती है।
स्कूल संचालकों को अगर छात्रों के लिए मनमाफिक सेंटर नहीं मिला छात्राओं के फर्जी पंजीकरण के नाम पर स्वकेंद्र का लाभ मिल जाता है।
माल क्षेत्र के महेश सिंह सरस्वती इंटर कॉलेज, नन्हें सिंह स्मारक, कुंवर आसिफ अली संजू मियां, चंद्रशेखर आजाद इंटर कॉलेज, मोहनलालगंज के काशीश्वर इंटर कॉलेज सहित काफी स्कूल ऐसे हैं।
जहां काफी संख्या में छात्राओं का पंजीकरण कराया गया है। जबकि ऑनलाइन पंजीकण फॉर्मों के स्थलीय निरीक्षण में मौके पर स्टूडेंट्स की संख्या काफी कम मिली। सूत्रों के अनुसार इन सारे कॉलेजों में केंद्र बनना प्रस्तावित हैं।
वहीं, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय प्रवक्ता व मंत्री डॉ. आरपी मिश्र के अनुसार महेश सिंह सरस्वती, नन्हें सिंह स्मारक इंटर कॉलेज, कुंवर आसिफ अली संजू मियां जैसे कॉलेजों में परीक्षा केंद्र बनने के बाद छात्राओं को स्वकेंद्र की सुविधा मिल जाएगी।
इन सारे कॉलेजों में फर्जी पंजीकरण हैं। निरीक्षण किया जाए तो हकीकत सामने आ जाएगी। कॉलेज छात्रों का सेंटर मनमाफिक कॉलेजों में डलवाने के लिए जुगाड़ लगाते हैं। छात्रों को मनमाफिक सेंटर नहीं मिले तो भी परीक्षा केंद्र बनने पर छात्राओं को स्वकेंद्र तो ही मिल ही जाएगा।