एक कैदी का इलाज कराने रांची गए झारखंड पुलिस के तीन सिपाहियों को पश्चिम बंगाल पुलिस ने छापामारी करके आसनसोल के एक वेश्यालय से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, झारखंड के कोडरमा जिले के तीन पुलिसवालों को बीते शुक्रवार कोलकाता के बर्दवान जिले के एक वेश्यालय में पकड़ा गया था। उनके ड्राइवर और एक अन्य सहयोगी को भी हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने कोडरमा प्रशासन से संपर्क साधा और सभी आरोपियों को पुलिस हिरासत में वापस झारखंड के लिए रवाना कर दिया। उन्हें लेने के लिए झारखंड से एक टीम भेजी गई थी।
खुद ट्रेन पकड़कर जेल पहुंचा कैदी
कोडरमा के एसपी वाईएस रमेश ने बताया कि एक हवलदार और तीन कांस्टेबल एक कैदी को कोडरमा जेल से रांची के एक अस्पताल इलाज कराने ले गए थे। उन्होंने कोडरमा लौटने के लिए एक निजी वाहन किराए पर लिया था।
उनमें से तीन पुलिसकर्मी कैदा को लेकर गाड़ी से आसनसोल जाने लगे तो चौथे ने उन्हें छोड़ दिया और बिना सूचना के घर चला गया। मामला सामने आने के बाद चारों को सस्पेंड कर दिया गया है।
गौर करने वाली बात ये है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जिस कैदी को लेकर सिपाही निकले थे, वह खुद ही ट्रेन पकड़कर कोडरमा जेल पहुंच गया और जेल अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
हत्या का आरोपी है कैदी, दिखाई ईमानदारी
कोडरमा जेल के सुपरिंटेंडेंट किशोर लाखरा ने बताया कि कैदी बिरजू यादव हत्या के एक मामले में आरोपी है। आसनसोल रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर वह सीधे कोडरमा जेल पहुंचा और सारा हाल सुनाया। उसने बताया कि वह खुद चलकर जेल पहुंचा है, जबकि पुलिसवाले मौज मस्ती करने में लगे हैं।
उसने बताया कि सारे पुलिसकर्मियों ने गुरुवार को रांची छोड़ दिया था। उन्होंने हजारीबाग इलाके में सड़क किनारे एक ढाबे में खाना खाया और शराब पी। इसके बाद उन्होंने मौज-मस्ती का प्लान बनाया और ड्राइवर को आसनसोल चलने को कहा।
उन्होंने योजना बनाई थी कि वे शुक्रवार को निकलेंगे और 10 बजे तक कोडरमा पहुंच जाएंगे। हालांकि ऐसा हुआ नहीं और कोलकाता पुलिस ने उन्हें वेश्यालय से गिरफ्तार कर लिया।