अमरूद खिलाने के बहाने दो किशोरों ने एक मासूम छात्र से कुकर्म कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। फिर वारदात को छिपाने के लिए उन्होंने लाश ड्रम में डालकर ऊपर से बोरी रख दी।
देर शाम बच्चे के घर न पहुंचने पर परिजनों ने आरोपियों से पूछताछ की मगर उन्होंने इनकार कर दिया। अगले दिन सुबह एक आरोपी के पिता ने खेत में बने मकान में लाश पड़ी होने की सूचना दी। शव उसी बच्चे का था।
बच्चे के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दो किशोरों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी ग्यारहवीं के छात्र हैं। घटना उत्तर प्रदेश में हमीरपुर जिले के पौथिया गांव की है।
मासूम के साथ कुकर्म
आठ वर्षीय बालक गीलू (नाम बदला हुआ) रविवार को शाम करीब 4 बजे घर के बाहर खेल रहा था। उसी समय उसके गांव के दो किशोर रमेश और राजन (दोनों परिवर्तित नाम) उसे अमरूद खिलाने के बहाने उद्यान विभाग की नर्सरी में ले गए और अमरूद खिलाया।
वापस आते समय बच्चे को लेकर रजन के खेत में बने मकान में पहुंचे जहां दोनों ने मासूम के साथ कुकर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर मार-पीटकर उसके मुंह में पॉलिथीन ठूंस दी और कुकर्म किया। इसी बीच दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
फिरौती
मौत होने पर दोनों घबरा गए और आनन-फानन में उसके हाथ पैर बांधकर मकान में रखे ड्रम में डाल दिया तथा ऊपर से बोरी डाल दी। देर रात तक जब गीलू का पता नही लगा तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। साथ ही बताया कि एक मोबाइल नंबर से तीन दिन के अंदर 7 लाख रुपए फिरौती की मांग की गई है।
अपने बेटे पर आरोप लगने पर रमेश के पिता ने अपने ही मकान का ताला खोल जब बच्चे के परिवार वालों के साथ अंदर गए तो ड्रम में लाश देश सबके होश उड़ गए।
थोड़ी देर में ही पुलिस अधीक्षक दिनेशचंद्र घटना स्थल पर पहुंच गए। थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रथमदृष्ट्या कुकर्म के बाद हत्या का मामला लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।