हाइप्रोफाइल शीना हत्याकांड में मुंबई पुलिस को दिन-प्रतिदिन नई नई जानकारियां मिल रही हैं। हत्याकांड के सदर्भ में कई बातें और सबूतों के सामने आने के बाद अब शीना बोरा की डायरी सामने आई है जिसमें उसने अपनी भावनाओं और करीबी रिश्तों के बारे में जिक्र किया है। इस डायरी में शीना अपनी रोजमर्रा की बातें भी नोट करती थी।
डीएनए की रिपोर्ट के अनुसार, शीना ने अपनी मां इंद्राणी के बारे में क्रोध और घृणा का जाहिर की है जिससे इंद्राणी के साथ रहे उसके तल्ख संबंधों की तस्वीर सामने आई है। शीना ने अपनी मां के बारे में जो शब्द इस्तेमाल किया है उससे साफ पता चलता है कि उन दोनों के रिश्तों में एक बड़ी दरार मौजूद थी। शीना ने अपनी डायरी में अपनी पढ़ाई और अपने दोस्तों के बारे में भी लिखती थी।
उसने अपनी डायरी में लिखा है, 'अरे! मुझे जन्मदिन मुबारक हो। लेकिन मैं खुश नहीं हूं, ऐसा प्रतीत होता है कि मुझे जीवन में कुछ नहीं मिला, कुछ नहीं! भविष्य में भी हालात अच्छे नहीं दिख रहे। हर तरफ से मुझे तनाव और चिंता ने घेरा हुआ है। यह एक घृणित जिंदगी है। मैं अपनी मां से घृणा करती हूं, वह खूनी ***** है। वह एक मां नहीं है। वह एक डायन है।
अपनी मां के प्रति गुस्सा जाहिर करने के साथ अपने पिता सिद्धार्थ के बारे कई भावनात्मक बातें लिखीं हैं।
'डैडी' अभी तक आपने कोई पत्र क्यों नहीं लिखा?
अपने पिता के बारे में शीना ने लिखा है, 'डैडी, मैं आपसे बहुत नाराज हूं, ठीक है, मुझे अभी तक आपको एक भी पत्र लिखने का समय नहीं मिला लेकिन आपको तो मुझे पत्र लिखना चाहिए। बहुत मतलबी हो, ठीक है, फिर भी मुझे इसके लिए खेद है कि मैं आपको एक भी पत्र नहीं लिख पाई। 10वीं कक्षा में हमें बहुत मेहनत करनी पड़ती है। सुबह 7:30 बजे हमें स्कूल जाना पड़ता है, इसके बाद फिर 3 से 4:30 बजे तक के मैथ की कोचिंग के लिए जाना पड़ता है और 6 बजे से 8:30 बजे तक साइंस कोचिंग के लिए जाना होता है। मैं 8:30 बजे के करीब घर पहुंचती हूं। मुझे आशा है कि आप कल्पना कर सकते हैं कि हम कितनी मेहनत कर रहे हैं।'
शीना ने आगे लिखा है कि उसके नाना-नानी उसके पिता से घृणा करते हैं लेकिन वह अपने पिता से प्यार करती है, 'डैडी, मैं अपने नाखून काट लेती हूं और उन्हें बड़ा नहीं होने देती। मैं आपकी सलाह को मान रही हूं, पहले पढ़ाई फिर स्टाइल। मुझे पता है कि आप मुझे बहुत कुछ बताना चाहते हैं लेकिन आपने किसी भी पत्र में कुछ नहीं लिखा। मुझे आशा है कि आप एक बार मेरी बोर्ड परीक्षाओं से पहले जरूर आएंगे। आप दिसंबर में गुवाहाटी क्यों नहीं आ जाते? यहां आकर मुझे सब कुछ बता सकते हो जो भी आप बताना चाहते हो।'