यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए नौंवी और 11वीं में पंजीकरण पर बीते साल हुई सख्ती का असर इस साल नजर आ रहा है। बीते साल राजधानी में सबसे ज्यादा पंजीकरण करने वाले कॉलेजों में इस साल पंजीकरण काफी कम हो गया है।
बीते साल नन्हें सिंह स्मारक और महेश सिंह सरस्वती इंटर कॉलेजों में एक-एक कक्षा में पंजीकरण की संख्या जहां हजार के पार पहुंच गई थी। इस साल यह संख्या छह सौ के आसपास सिमट गई है।
यूपी बोर्ड में हर साल मान्यता प्राप्त सेल्फ फाइनेंस स्कूल में स्टूडेंट्स न होने के बावजूद बाहरी बच्चों के परीक्षा फॉर्म भरवाए जाते हैं। बाद में शिफ्टिंग सूची में खेल करके मनचाहा सेंटर बनवाकर नकल का खेल खेला जाता है।
बीते साल राजधानी के नन्हें सिंह स्मारक इंटर कॉलेज ने पंजीकरण के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। यहां तक कि एक कक्षा में एक हजार से ज्यादा दाखिले कर डाले। इसी तरह चंद्रशेखर आजाद इंटर कॉलेज, जावेद अली इंटर कॉलेज, महेश सिंह सरस्वती, कुंसर आसिफ अली और एसपी सिंह इंटर कॉलेजों पर फर्जी पंजीकरण के आरोप लगे थे।