इलाहाबाद में मीरगंज के रेड लाइट एरिया में मंगलवार रात पुलिस ने छापा मारा तो खलबली मच गई। दुकानदार शटर गिराकर भाग निकले। पुलिस ने नेपाली गली से 17 लड़कियों और उन्हें पनाह देने वाली छह महिलाओं को पकड़ लिया।
दिल्ली के एनजीओ की सूचना पर कार्रवाई की गई। सूचना थी कि लड़कियों से जबरन देह व्यापार कराया जा रहा है।
महिलाओं के पुनर्वास के लिए काम करने वाली दिल्ली की एक एनजीओ को सूचना मिली थी कि मीरगंज में लड़कियों से जबरन देह व्यापार कराया जा रहा है। मंगलवार रात एसपी क्राइम अरुण कुमार पांडेय एनजीओ कार्यकर्ताओं और छह थानों की पुलिस के साथ मीरगंज की गलियों में घुसे।
पुलिस के घुसते ही मद्रासी, जुलाही, नेपाली समेत अन्य गलियों में खलबली मच गई। पुलिस वाले सीधे नेपाली गली में घुसे। पुलिस पकड़ी गईं महिलाओं और लड़कियों को कोतवाली ले गई। इंस्पेक्टर कोतवाली पीके राय ने बताया कि महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।
पुलिस देख मची खलबली
छापे की कार्रवाई से कोतवाली पुलिस को दूर रखा गया। जब एसपी क्राइम लड़कियों को लेकर कोतवाली पहुंचे तो खलबली मच गई। अफसरों को शक था कि रेड लाइट एरिया में कोतवाली पुलिस को साथ ले जाने पर सफलता नहीं मिलेगी।
मीरगंज को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने के लिए प्रदर्शन
मीरागंज को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग को लेकर जनहित संघर्ष समिति के लोगों ने मंगलवार को सिविल लाइंस के सुभाष चौराहे पर प्रदर्शन किया। समिति के प्रदेश अध्यक्ष प्रमिल केसरवानी का कहना है कि मीरगंज में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का जन्म हुआ था और अब वहां रेड लाइट एरिया है। यह शर्मनाक है।
कांग्रेस और भाजपा के नेताओं को जगना होगा ताकि रेड लाइट एरिया को वहां से हटाकर मीरगंज को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जा सके। प्रदर्शन में शलभ पांडेय, सुनील चौधरी, श्रीकांत, सोनू केसरवानी, दिनेश केसरवानी, प्रवीण गुप्ता, कुलदीप चौरसिया, लल्लू लाल कुशवाहा आदि शामिल रहे।