महाराष्ट्र पुलिस का एक भयानक चेहरा सामने आया है। चोरी के आरोप में हिरासत में लिए गए तीन युवकों का सिपाहियों ने थाने में ही यौन शोषण किया। इतना ही नहीं आरोपी सिपाही और दरोगा ने तीनों लड़कों का आपस में भी जबरन यौन शोषण करवाया।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पुणे पुलिस की दरिंदगी का शिकार हुए लड़कों में से एक ने शनिवार को कोर्ट में पेशी के दौरान जज को बताया कि पहले पुलिस वालों उन्हें चोरी का जुर्म स्वीकार करने के लिए पैसे दिए लेकिन जब उसने पैसे लेने से मना कर दिया तो उसके छाती में जोर से मारा।
इसके बाद उन सिपाहियों ने उन्हें कपड़े उतारने के लिए बोला, इसके बाद उसने उसका अंडरवियर उतार दिया। एक सिपाही ने नंगा तार देकर लड़के से बोला कि वह इसे अपने गुप्तांग के चारो ओर लपेट ले। लेकिन वह लड़का यह सब करने का विरोध करने लगा और चिल्लाने लगा तो सिपाही ने तार को बिजली के प्लग से जोड़कर शॉक देने की धमकी दी।
तीनों लड़को के उतारे कपड़े और फिर..
तीनों के लड़को के साथ हुए इस भयानक अत्याचार में सिर्फ एक लड़के ने अपने साथ हुई दरिंदगी के बारे में जज से बताया। मामला एक डकैती का था जो बारामती तालुका थाने के एरिया में हुई थी और इसी मामले के आरोप में पुलिस ने इन लड़कों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और फिर उनके खिलाफ चोरी का आरोप तय कर दिया।
पीड़ित युवक ने अदालत में बताया कि पुलिस ने उन्हें प्रताड़ित करने के बाद तीनों को नंगा कर दिया इसके बाद फिर तीनों को एक दूसरे का बलात्कार कराया।
आरोपी पुलिस वालों में दो की पहचान कर ली गई है जिनमें एक सब-इंस्पेक्टर सुनील गायवाड़ है और दूसरा सिपाही डोइफोडे है। पीड़ित लड़की की उम्र 20 साल के आस-पास की बताई जा रही है।
गरीब घरों के हैं तीनों लड़के
रिपोर्ट के अनुसार, तीनों पीड़ित लड़के बारामती तालुका के पास के ही एक गांव के हैं जिन्हें पुलिस जबरन उठा लाई थी। ये तीनों लड़के बेहद गरीब परिवारों के हैं।
बतातें हैं ये तीनों लड़के 10वी, 11वीं और 12वीं में पढ़ते थे लेकिन इन के घर वालों के पास पढ़ाने के लिए पैसे न होने से ये तीनां युवक अपनी पढ़ाई छोड़ पास के कस्बे में एक कंपनी में नौकरी भी करने लगे थे। 10वीं तक पढ़ने वाला लड़का कुछ पैसे कमाने के बाद इस साल अब 11वीं में एडमिशन भी लेना चाहता था।
वहीं दूसरे लड़के ने बताया कि वह पहले एक ट्रक ड्राइवर के पास काम करते थे लेकिन उससे कहासुनी होने के बाद वहां काम करना बंद कर दिया था। इसीलिए ट्रक मालिक ने उनके खिलाफ डकैती का केस दर्ज करा दिया है।