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वेस्ट यूपी के इस शातिर की 6 प्रेमिकाओं को ढूंढ रही है पुलिस

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पेशी के लिए ले जाते समय फरार हुए पांच लाख के इनामी बदमाश अमित उर्फ भूरा तक पहुंचने के लिए पुलिस को उसकी गर्लफ्रेंड्स की तलाश है। पुलिस के अनुसार भूरा की एक दो नहीं बल्कि छह से भी अधिक गर्लफ्रेंड्स हैं। ये मेरठ, नोएडा, देहरादून और दिल्ली की रहने वाली हैं। पुलिस को दो गर्लफ्रेंड्स के बारे में जानकारी भी मिली है।
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एक से पूछताछ भी कर चुकी है। पुलिस मानकर चल रही है कि बागपत से पुलिस कस्टडी से भागने के बाद उसने किसी न किसी गर्लफ्रेंड से जरूर संपर्क किया होगा। टोल प्लाजा लूटने में माहिर बताए गए भूरा गैंग का पुलिस ने कच्चा चिट्ठा भी खोला है।

पुलिस अफसरों के अनुसार गांव सरनावली थाना फुगाना जिला मुजफ्फरनगर निवासी अमित मलिक उर्फ भूरा (27) पुत्र यशपाल सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड 2001 में शामली से लूटपाट के केस से शुरू हुआ था।
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बेहद शार्प भूरा को दूसरे राज्यों की पुलिस ने पहले ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के टॉप क्रिमिनल की लिस्ट में शुमार कर दिया था। हमेशा ब्रांडेड कपड़े पहनने वाला भूरा चोरी या लूट की लग्जरी गाड़ी में चलता है। अगर उसके पास लग्जरी गाड़ी नहीं होती तो वह गन प्वाइंट पर अकेले ही लूट लेता है। लूटी गई गाड़ी के नकली कागज भी तैयार करवा लेता है।

चार युवतियों के वाट्सऐप पर भूरा की फोटो

भूरा के बारे में हर छोटी से छोटी जानकारी जुटा रही पुलिस को पता चला कि चार युवतियों से उसकी दोस्ती है। पुलिस ने इनके मोबाइल नंबर मालूम किए तो इसके साक्ष्य भी मिल गए। इनके व्हाट्स एप प्रोफाइल पर इनकी जगह भूरा के फोटो लगे थे।

भूरा को छुड़ाने के लिए बदमाश एक नहीं, तीन गाड़ियों से आए थे। पुलिस सूत्रों ने बताया उसे जिस जगह छुड़ाया गया, उससे थोड़ा दूरी पर ही दो और गाड़ियां खड़ी थीं। तीनों गाड़ियां हरियाणा की ओर गई और फिर सोनीपत के रास्ते दिल्ली पहुंच गई।

उसकी फरारी में अभी तक तो देहरादून के पांच पुलिस वालों पर ही केस दर्ज हुआ है, लेकिन जल्द ही उत्तराखंड के और भी कई पुलिस वाले भी फंस सकते हैं। इनके बारे में जानकारी है कि ये भी भूरा को पेशी के दौरान खुली छूट देते थे। उसे जेल में जाते ही मोबाइल फोन मिल गया था। वह जब भी पेशी पर जाता था, मोबाइल फोन का खुलकर इस्तेमाल करता था।

पुलिस वालों पर लटकी बरखास्तगी की तलवार

पुलिस सूत्रों ने कहा उत्तराखंड पुलिस के अधिकारी ऐसे सभी पुलिस वालों की सूची तैयार कर रहे हैं, जो भूरा को पेशी पर लेकर गए। सिर्फ मोबाइल फोन ही मुहैय्या नहीं कराया भूरा को। उसे पेशी पर अपराधियों से मिलने की खुली छूट भी दी गई। उससे मुलाकात करने के लिए आए बदमाशों ने ही उसे पुलिस कस्टडी से छुड़ाने का प्लान बनाया।

उसे बागपत में पेशी पर लाने के दौरान उसने मोबाइल फोन पर ही व्हाट्स एप पर रंछाड़ के प्रधान के पति समर पाल से पूछा था कि दिल्ली जाने के लिए कौन सा रास्ता सेफ रहेगा। पुलिस सूत्रों ने बताया देहरादून पुलिस के अधिकारी इन बिंदुओं पर जांच कर रहे हैं। रविवार को फिर से आए देहरादून के एसएसपी पुष्पक ज्योति ने भी इसकी जानकारी की।

बागपत कोर्ट में पेशी पर ले जाते समय जिन पांच पुलिस वालों की अभिरक्षा से असलाह लूटकर उसे छुड़ाया, उन्हें अभी तो निलंबित ही किया है, लेकिन नई जानकारी आने के बाद उनकी नौकरी बच पाना नामुमकिन लग रहा है।

देहरादून पुलिस लाइन के इन जवानों पर पहले लापरवाही बरतने का आरोप लगा था, लेकिन अब तो साफ हो गया कि इनकी जानकारी में ही भूरा पुलिस कस्टडी में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर फरारी का प्लान तैयार कर रहा था। बागपत पुलिस के अधिकारियों का तो यहां तक कहना है कि इन पुलिस वालों की बरखास्तगी ही नहीं, इनके जेल जाने की नौबत भी आ सकती है।
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एमपी फाइव गन से होगा भूरा का मुकाबला

पुलिस कस्टडी से दो एके-47 और एक एसएलआर लूटकर फरार मोस्ट वांटेड अमित सरनावली उर्फ भूरा का भले ही अभी तक कोई सुराग तक नहीं मिला हो, लेकिन उससे मुकाबले की तैयारी पूरी कर ली गई है।

उसके पास ऑटोमेटिक असलाह पहुंच जाने के चलते उसकी तलाश में लगी पुलिस टीमों को इंसास राइफल के बाद अब एमपी फाइव गन दी गई है।  इसमें कार्बाइन, नाइन एमएम पिस्टल और एके-47 राइफल की खूबियां एक साथ हैं। अभी तक यह एनएसजी, एसपीजी और एसटीएफ के गिने चुने कमांडों के पास थी। पुलिस की सभी टीमों को बुलेट प्रुफ जैकेट भी मुहैय्या कराई है।

भूरा गैंग के पास पिस्टल और कार्बाइन जैसे असलाह पहले से हैं। अब पुलिस से लूटी दो एके-47 और एक एसएलआर भी आ गई है। इस कारण पुलिस विभाग में टेंशन है। सबसे बड़ा डर यह है कि कहीं भूरा इन असलाह से कोई बड़ी वारदात न कर दे। इसके अलावा एक चिंता यह भी है कि अगर पुलिस का उससे आमना-सामना हो गया तो उसका मुकाबला कैसे होगा।

पुलिस सूत्रों ने बताया भूरा को मिली असलाह पावर के चलते पुलिस को खास हथियारों से लैस किया है। इंसास तो पहले ही दी जा चुकी है। अब एमपी फाइव गन दी। इसकी मैगजीन में 30 गोलियां आती हैं, इतनी ही एके-47 की मैगजीन में आती है। इसकी गोलियां नाइन एमएम की हैं। इसका आकार और चलने का तरीका कार्बाइन जैसा है।
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