यूपी पुलिस के एक दरोगा ने वर्दी को शर्मिंदा करते हुए पहले तो एक महिला को शादी का झांसा देकर कई साल तक अपने साथ रखा, कई बार गर्भपात कराया और फिर बेटी होने पर छोड़ दिया।
अब महिला इंसाफ पाने के लिए जगह-जगह भटक रही है और दरोगा का बाल भी बांका नहीं हुआ है। वह फोन पर भी बात करने को तैयार नहीं है। महिला ने डीआईजी से इंसाफ की गुहार की है।
बदायूं जिले की इस घटना में लखीमपुर की एक महिला ने यहां तैनात दरोगा पर ये आरोप लगाए हैं।
मैलानी इलाके की महिला ने बताया कि उसकी शादी 15 साल पहले हुई थी। शादी के बाद एक बेटा भी हुआ। इसी बीच गांव में हुए एक झगड़े में आरोपी बनाकर दरोगा पवन सिंह ने उसके पति को कई दिनों तक थाने में बैठाए रखा।
मिन्नतों के बाद छुड़ाकर लाई तो दरोगा पति को समझाने के बहाने कई बार उसके घर आए। इस बीच नौकरी पर रखने के बहाने पति-पत्नी को दरोगा ने अपने पास बुला लिया।
हर तबादले में ले गया साथ
आरोप है कि दरोगा पति को किसी काम के बहाने घर से बाहर भेज देते और उससे छेड़छाड़ करने लगते थे। शिकायत की बात करने पर दोनों को जेल भेजने की धमकी दी जाती। कई दिन तक उसे बंधक बनाकर बलात्कार भी किया।
शिकायत करने पर दरोगा ने शादी का झांसा दिया गया और गोला तबादला होने पर साथ ले गया। यहां पीड़िता ने एक बेटी को जन्म दिया और कई जिलों में तबादला होने पर भी दरोगा के साथ रही।
जून 2008 में दरोगा ने भोजीपुरा आने पर थाने के सामने ही एक डॉक्टर के घर में किराए का कमरा लिया और पीड़िता का कई बार गर्भपात कराया।
स्कूल में पिता की जगह दरोगा का नाम
महिला का यह भी कहना है कि स्कूल में बच्चों के पिता के स्थान पर दरोगा ने अपना ही नाम लिखवाया। एक दिन दरोगा के परिवार की एक महिला समेत कई लोग कमरे में आए और उसके साथ मारपीट की। फिर एक साल से पहले दरोगा ने उसे छोड़ दिया है।
अब महिला थाने से लेकर सीओ स्तर तक कार्रवाई की मांग कर चुकी हैं लेकिन कहीं इंसाफ नहीं मिला है। महिला का कहना है कि वह अपनी बेटी का डीएनए टेस्ट कराने को भी तैयार है। दरोगा बारादरी और प्रेमनगर में भी तैनात रहा है।
डीआईजी आरकेएस राठौर ने बताया कि दरोगा ने गलती की है। सरकारी नौकरी में होने के बाद उसने इस तरह का काम किया है। मामले की जांच कराकर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।