प. बंगाल के पुरुलिया जिले में एक जाति विशेष की पंचायत (कंगारू कोर्ट) में एक व्यक्ति की पीट पीटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुरुलिया के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्युतिमान भट्टाचार्य ने बताया कि मछली मारने के लिए पट्टे के फैसले पर रघुनाथपुर खंड के धर्मादांगा गांव में मंगलवार रात को बुलाई गई सालिसी सभा के तौर पर कुख्यात कंगारू कोर्ट में 10 लोगों ने लाठी से मार मारकर 45 वर्षीय अनिल बौरी की जान ले ली।
अनिल को पिछले साल पट्टा मिला था। सभा में उसने कंगारू कोर्ट का फरमान मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उसकी पिटाई की गई।
घटनास्थल पर ही उसने दम तोड़ दिया। जमुरियादांगा गांव से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर कंगारू कोर्ट का आयोजन हुआ था।
ऐसे गैरकानूनी फैसलों पर नहीं लग पाता लगाम
परिवार के लोग उन्हें रघुनाथपुर सदर अस्पताल ले गए, जहां अस्पताल में अनिल को मृत घोषित कर दिया गया।
बाद में परिजन ने एफआईआर दर्ज कराई। कंगारू कोर्ट बुलाने वाले महेंद्र बौरी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और अदालत में पेश किया गया।
पुलिस ने बताया कि बाकी हमलावर फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस जिले में कंगारू कोर्ट की घटनाओं की जांच कर रही है।
उल्ल्खनीय है कि इस तरह की गैरकानूनी जाति विशेष की अदालतें (कंगारू कोर्ट) जिसे सालिसी सभा के नाम से भी जाना जाता है के खिलाफ सख्ती बरतने की घोषणा के बावजूद सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया।
ऐसे गैरकानूनी फैसले ने शर्मसार होता पश्चिम बंगाल
अभी पिछले सप्ताह एक इसी तरह की गैरकानूनी फैसले ने पश्चिम बंगाल को शर्मसार किया था। फैसले में एक नाबालिग से गैंगरेप करने वाले तीन किशोरों को महज तीन हांडी देशी शराब का जुर्माना लगा कर छोड़ दिया।
पीडित परिवार ने आपत्ति जताई तो डांट-डपट कर उनका मुंह बंद कर दिया। पुलिस में शिकायत करने पर घर फूंक देने और गांव से निकाल देने की धमकी दी गई। बीरभूम जिले के मोहम्मद बाजार इलाके की इस घटना में तीन किशोरों ने कक्षा छह की सहपाठी से सामूहिक दुष्कर्म किया।
पीडिता के परिजन न्याय की गुहार लेकर मोरल (समाज के मुखिया) के पास गए। मोरल ने उन्हें चुप रहने का निर्देश देकर लौटा दिया। शनिवार को मामले के निपटारे के लिए गांव में सालिसी सभा बुलाई गई। सभा में आरोपियों को तीन हांडी देशी शराब जुर्माने के तौर पर देने का आदेश दिया गया। आपत्ति जताने पर पीडित परिवार को डरा-धमका कर भगा दिया गया।
एक युवती से सामूहिक दुष्कर्म करने का फरमान
इससे पहले जनवरी महीने में जिले में इस तरह की शर्मनाक घटना सामने आई थी। लाभपुर थाना क्षेत्र के सुबलपुर गांव में गैर समुदाय के एक युवक से प्रेम करने को लेकर सालिसी सभा ने युवती से सामूहिक दुष्कर्म करने का फरमान जारी किया था। 13 लोगों ने उससे दुष्कर्म किया था।
मामले पर खुद संज्ञान लते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। पीडिता को 5 लाख मुआवजा और सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया था। पश्चिम मिदनापुर, मालदह एवं मुर्शिदाबाद जिले में इस तरह की घटना सामने आई थी।
लाभपुर काण्ड के बाद सरकार ने कंगारू कोर्ट के खिलाफ सख्ती बरतने की घोषणा की थी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया।