क्लास में आगे बैठने के मामूली विवाद में कक्षा 10 की छात्रा को वैन सवार चार लोग कानपुर के किदवईनगर से सरेशाम उठा ले गए और लोहे की राड से पीटने के बाद गर्म सलाख से पेट और पैर की एड़ियां दाग दीं। किशोरी को लात-घूंसों से भी जमकर पीटा।
हमलावर किशोरी को बेदम करके घर के पास ही कूड़े के ढेर में फेंक कर भाग गए। किशोरी ने अपनी सहपाठी के पिता, भाई और साथियों पर आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी के घर दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला।
नौबस्ता पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। किशोरी के साथ कोई जबरदस्ती तो नहीं की गई, इसकी भी जांच की जा रही है। सहपाठी का पिता सपा नेता बताया जा रहा है हालांकि किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की।
गर्म सलाखों से किशोरी को दागा
के ब्लाक किदवईनगर बीमा अस्पताल कालोनी निवासी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जीवनलाल की बेटी कोमल (15) मदन मोहन मालवीय स्कूल में कक्षा 10 की छात्रा है। कोमल ने बताया कि क्लास में आगे बैठने को लेकर उसका सहपाठी अंशिका त्रिपाठी से अक्सर विवाद होता रहता है। अंशिका और उसके पिता अमित त्रिपाठी ने उसे देख लेने की धमकी दी थी। इस बात को लेकर दोनों परिवारों में एक बार झगड़ा भी हो चुका है।
कोमल ने बताया कि गुरुवार शाम साढ़े पांच बजे वह घर से कापियां खरीदने के लिए निकली थी। घर से थोड़ी ही दूर पर सफेद वैन में सवार चार लोगों ने उसे अंदर खींच लिया और आंखों पर पट्टी बांध दी। उसने बताया कि चलती वैन में चारों ने उसे लात घूसों और लोहे की राड से पीटा।
उसके बाद किसी जगह उतार कर वहां पर भी पिटाई की। गर्म सरिया से उसका पेट और पैर की एड़ी दागी गईं।
कूड़े पर युवती को फेंककर भागे
कोमल का आरोप है कि पीटने के बाद अंशिका के पिता ने अंशिका को भी बुलाया और कहा इसे पीटकर बदला ले लो। इस पर अंशिका ने भी उसे पीटा। इसके बाद एक बाइक में उसे बीच में बैठाया गया और घर के पास बरगद के पेड़ के नीचे कूड़े के ढेर पर फेंक कर बाइक सवार भाग निकले।
किसी तरह घर पहुंची किशोरी ने आपबीती सुनाई तो परिजन नौबस्ता थाने पहुंचे। नौबस्ता पुलिस ने बताया कि अंशिका के घर पुलिस गई थी लेकिन वह नहीं मिला। बताया गया कि वो वैन लेकर रायबरेली गए हैं। तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है।