'मेरे बच्चे चीख रहे थे। जोर-जोर से चिल्लाकर कह रहे थे... अब्बू तुमने अम्मी को काट दिया है, हमें मत मारो, लेकिन मेरे सिर पर खून का जुनून सवार था। बीवी नसीमा का गला काटने के बाद मुझे लगा कि अगर बच्चे गांव पहुंच गए, तो सबको बता देंगे। इसलिए बच्चों के भी गले काटने शुरू कर दिए।
बेटे अकरम का गला काटने पर बेटी नाजिया भागी, तो भागकर उसे भी पकड़ लिया और मार डाला। नाजिम हाथ जोड़कर खड़ा हो गया, लेकिन उसे भी काट दिया। उस वक्त मुझे पता नहीं क्या हो गया था, मैं जैसे बकरे काटता हूं, वैसे ही बच्चों के गले भी काट दिए।'
यही रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा हुआ है सात फरवरी को यूपी में बागपत के चौहल्दा गांव में हुए चौहरे हत्याकांड का।
इलियास ने खुद ही की बर्बर वारदात
तो पहले ही साफ हो चुका था कि दिल दहला देने वाली यह बर्बरता इलियास ने अंजाम दी है, लेकिन जब पुलिस उसे बुधवार को एसपी ऑफिस में मीडिया के सामने लाई तो नई बात यह सामने आई कि अपनी पत्नी नसीमा और बच्चों के गले उसके ममेरे भाई ने नहीं, बल्कि खुद उसने अपने ही हाथ से काटे थे।
पुलिस ने इस मामले में इलियास के अलावा लोनी निवासी उसके ममेरे भाई साजिद और उसके दोस्त परवेज को गिरफ्तार किया है। इनके पास से हत्याकांड में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिए गए हैं। अभी इलियास का लोनी का ही भांजा सलीम फरार बताया गया है।
साजिद ने उसके सामने ही कहा, यह बहुत पहले बकरे काटता था, वैसे ही इसने बच्चे भी काट दिए।
'अपने गुनाह पर हो रहा है पछतावा'
इलियास बोला, हां, मैंने गुनाह किया है, लेकिन अब पछतावा हो रहा है। इलियास से पूछा गया कि क्या अपने फूल से बच्चों के गले काटते समय उसके हाथ नहीं कांपे? उसने जवाब दिया, नहीं, उस समय तो जरा भी तरस नहीं आया।
उसने दोहराया कि उसे शक था कि नसीमा का किसी से प्रेम प्रसंग चल रहा है, इसीलिए उसे मारने की ठान ली। बच्चों को इसलिए मारा ताकि राज न खुलने पाए। गौरतलब है कि चौहल्दा में सात फरवरी की रात नसीमा (35) और उसके बच्चे अकरम (तीन ), नाजिया (पांच) और नाजिम (सात) की गला काटकर हत्या की गई। चारों के शव आठ फरवरी की सुबह मिले थे।
उधर एसपी जितेन्द्र शाही ने बताया कि इस खुलासे में शामिल रही पुलिस टीम को उनकी ओर से पांच और डीआईजी के सत्यनारायण की तरफ से 10 हजार का पुरस्कार दिया जाएगा।
बर्बर घटना के तीन हत्यारोपी
हत्यारोपी - 1 : इलियास
शक में बन गया शैतान
चौहल्दा के चौहरे हत्याकांड में पकड़े गए तीन लोगों में इलियास चौहल्दा गांव का ही है। उसकी दो शादी हुई। पहली पत्नी फैजपुर निनाना गांव की वरिसा थी। उससे पांच बच्चे हुए। बड़ा बेटा 18 साल का आबिद है।
वरिसा की 11 साल पहले बीमारी से मौत हो गई। इसके बाद दूसरी शादी बेगुसराय (बिहार) की नसीमा से हुई। वह उससे उम्र में 18 साल छोटी थी। उससे तीन बच्चे हुए।
हत्यारोपी - 2 : साजिद
बलात्कार में जा चुका है जेल
इलियास का ममेरा भाई साजिद मूल रूप से बागपत के ही छपरौली के शबगा गांव का है। बाद में शामली के बनत में रहने लगा। वहां दूसरे समुदाय की एक लड़की से रेप के आरोप में जेल गया। इसके बाद परिवार सहित गाजियाबाद के लोनी में जाकर रहने लगा। चौहरे हत्याकांड से एक दिन पहले चौहल्दा में आकर लोकेशन देखकर गया था।
हत्यारोपी - 3 : परवेज
दोस्ती में बन गया खूनी
परवेज भी लोनी का रहने वाला है। वहीं पर ऑटो चलाता है। उसे दो हजार रुपये की जरूरत थी। साजिद ने उसे नसीमा की हत्या का प्लान बताया तो उसका साथ देने को फट से राजी हो गया। दोस्त के चक्कर में आकर खून से हाथ रंग लिए। जब इलियास चारों के गले काट रहा था, तब परवेज उनके पैर पकड़कर खड़ा था।