बदायूं के उझानी कोतवाली परिसर में सरकारी क्वाटर की छत से फेंकी गई छात्रा ने होश आने पर सिपाही गौरव टाइटलर की कारगुजारियों का खुलासा किया है। बकौल छात्रा की मां, बेटी ने उनको बताया कि सिपाही से उसका दूसरी गर्लफ्रेंड से शादी करने की बात पर झगड़ा हुआ था। इसके बाद सिपाही ने उसे रास्ते से हटाने की नीयत से छत से फेंका। सिपाही के मोबाइल की काल डिटेल में भी छात्रा के साथ उसकी कई बार बात होने की बात सामने आई थी।
पिछले बृहस्पतिवार को सिपाही गौरव टाइटलर ने उझानी (बदायूं) थाना कोतवाली परिसर में स्थित सरकारी क्वाटर की छत से छात्रा को फेंक दिया था। डीआईजी ने प्रेसवार्ता के दौरान किसी बात पर हुए झगड़े को लेकर छात्रा को छत से फेंके जाने की बात कही थी लेकिन उनको भी असल वजह पता नहीं थी। छात्रा अब भी रामपुर गार्डन स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती है। हालत में सुधार होने पर उसने अपनी मां को उपचार में लगे कर्मियों के सामने आपबीती सुनाई।
छात्रा ने बताया कि उसे जानकारी मिली कि सिपाही गौरव टाइटलर की एक और गर्लफ्रेंड है जिससे वह शादी की तैयारी कर रहा है। इस पर उसने सिपाही के सरकारी क्वाटर पर पहुंचकर ऐतराज किया तो वह भड़क उठा और जान से मारने की धमकी दी। उसने विरोध किया तो दोनों में झगड़ा होने लगा और सिपाही ने उसको रास्ते से हटाने की नीयत से छत से धक्का दे दिया।
छात्रा बयान की स्थिति में पर मां की इजाजत जरूरी
उपचार कर रहे चिकित्सक डॉ. अमित खन्ना ने बताया कि छात्रा की हालत में काफी सुधार है। उससे बयान लिया जा सकता है, पर इसके लिए बयान लेने वाले को उसकी मां से इजाजत लेना जरूरी है। छात्रा के कूल्हे की हड्डी टूटी होने से खिंचाव अभी रहेगा।
मय बंदूक सुरक्षा में मुस्तैद दिखे सिपाही
छात्रा की सुरक्षा में कोताही के मामले को ‘अमर उजाला’ द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित करने पर अफसरों ने संज्ञान लिया। निहत्थे सिपाहियों की जगह बृहस्पतिवार को वे मय बंदूक सुरक्षा में तैनात दिखे। साथ ही सुरक्षा में लगे सब इंस्पेक्टर भी पिस्टल लगाकर ड्यूटी पर मौजूद थे।
आठ दिन में अस्सी हजार खर्च, अब कहां से लाऊं पैसे
मां का कहना है कि छात्रा के उपचार में आठ दिन में अस्सी हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। अब तक उसके मायके वाले ही उसकी मदद कर रहे थे लेकिन अब उनके पास भी पैसा नहीं रहा। महिला का कहना है कि ऐसे में वह अपनी बेटी का इलाज कैसे कराए?