मॉडल स्कूल फॉर विजुअली हैंडीकैप्ड (एमएसवीएच) छेड़छाड़ प्रकरण में सोमवार को छात्रों ने तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। छात्रों ने आरोपी अध्यापक और निदेशक को बर्खास्त किए जाने समेत 24 सूत्रीय मांगों को भी संस्थान प्रशासन को दिया। इसके अलावा सोमवार को बाल आयोग की अध्यक्षा ने छात्राओं के बयान लिए और पुलिस ने चार छात्राओं के मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराए।
आरोपी अध्यापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद भी संस्थान के भीतर छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। वहीं सोमवार शाम को एमएसवीएच प्रकरण में छात्रों के दबाव के बाद निदेशक अनुराधा डालमिया ने त्यागपत्र दे दिया। सोमवार को सुबह करीब आठ बजे उन्होंने गार्ड से चाभी लेकर मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और प्रदर्शन करने लगे। छात्र अध्यापक के साथ-साथ संस्थान की निदेशक को भी बर्खास्त किए जाने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि निदेशक का व्यवहार उनके प्रति कभी भी ठीक नहीं रहा है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद उन्होंने कभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। ऐसे में अब जब उन्होंने उग्र प्रदर्शन किया तब जाकर वे हरकत में आई हैं। बच्चों का कहना है कि उन्हें संस्थान की ओर से बनाई गई जांच समिति पर विश्वास नहीं है। वे केवल पुलिस और बाल आयोग पर विश्वास कर रहे हैं। उम्मीद है कि वे ही उन्हें न्याय दिला सकते हैं।
इसके अलावा उन्होंने सोमवार को प्रशासन को कुल 24 सूत्रीय मांगपत्र प्रशासन को सौंपा। इस मांगपत्र में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग की गई हैं। सोमवार शाम तक चले इस प्रदर्शन के बीच कई बार संस्थान के अधिकारियों ने छात्रों से वार्ता करनी चाही, मगर छात्रों ने इंकार कर दिया। देर शाम प्रशासन और छात्रों के बीच वार्ता हुई। हालांकि, इसमें आगे प्रदर्शन न करने के लिए छात्रों से आग्रह किया गया, लेकिन इसके लिए भी छात्रों ने प्रशासन से समय मांगा।
ये हैं प्रमुख मांगे
-रात के समय स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलती हैं, इन सेवाओं को दिलाया जाए।
-छात्रावास में छात्रों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त प्रबंध किए जाएं।
-खेल का मैदान साफ होना चाहिए और इसमें सुविधाएं बढ़ाई जाएं।
-महिला छात्रावास में पुरुषों का आना वर्जित किया जाए।
-पॉकेट मनी के लिए एक तारीख निश्चित की जाए।
-छात्र-छात्राओं को आईकार्ड मुहैया कराए जाएं।
-प्रयोगशालाओं में उपकरणों को बढ़ाया जाए, ताकि बच्चे ठीक से अध्ययन कर सकें।
-कैंटीन में सामान को सस्ता किया जाए, ताकि छात्रों की पॉकेट मनी से ज्यादा पैसा खर्च न हो।
निदेशक अनुराधा डालमिया ने नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दे दिया
एमएसवीएच प्रकरण में छात्रों के दबाव के बाद सोमवार देर शाम निदेशक अनुराधा डालमिया ने नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने ईमेल और फैक्स के जरिए यह त्यागपत्र दिल्ली मुख्यालय भिजवाया है। अब यह वहीं तय होगा कि उनका त्यागपत्र स्वीकार होता है या अस्वीकार। हालांकि, सोमवार शाम के इस घटनाक्रम को प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने अपनी जीत बताया है। छात्रों का कहना है कि निदेशक ने उन्हें देर शाम बातचीत के लिए बुलाया था। पहले सभी कक्षाओं के प्रतिनिधियों से बातचीत की जानी थी, मगर सभी छात्र एकसाथ आने की बात पर अड़ गए। सोमवार शाम को बाल आयोग की अध्यक्षा ऊषा नेगी, सदस्या सीमा डोरा आदि के समक्ष छात्रों ने अपनी बातों को निदेशक के सामने रखा। इस दौरान छात्रों ने अपने पूर्व के आरोपों को दोहराया, जिनमें से कई पर निदेशक ने सफाई भी दी। इसके अलावा निदेशक ने उनकी मांगों में से कई मांग ऐसी बताई जिनका पूरा होना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। ऐसे में उन्होंने नैतिकता के आधार पर अपने इस्तीफे की पेशकश छात्रों के सामने की। इस पर छात्रों ने एक दूसरे से वार्ता कर हामी भर दी, जिसके बाद अनुराधा डालमिया ने अपना इस्तीफा दिल्ली प्रेषित कर दिया। छात्रों के अनुसार अब वे पुलिस कार्रवाई पर ही भरोसा करेंगे। उन्होंने लगभग एक सप्ताह से चले आ रहे प्रदर्शन को समाप्त करने की घोषणा कर दी।