बाराबंकी में एक शख्स ने अंधविश्वास के कारण हैवान बनने से भी गुरेज नहीं किया। उसने देवी को खुश करने के लिए अपने ही नौ माह के बेटे की बलि चढ़ा दी।
नारायण पूर्वा गांव निवासी राजकुमार चौरसिया उर्फ हेमंत ने बुधवार को घर में दुर्गा की मूर्ति के सामने अपने बेटे का सिर कुल्हाड़ी से काट दिया।
इस समय राजकुमार पुलिस कि हिरासत में है लेकिन उसे हत्या का कोई दुख नहीं।
पुलिस के मुताबिक राजकुमार ने पहले अपने बेटे को नहलाया और फिर पास के दुर्गा मंदिर में पूजा करने के लिए ले गया। यहां से लौटकर उसने बेटे की जान ले ली।
इस घटना से राजकुमार का पूरा परिवार सकते हैं। जब परिवार को इसका पता चलता तो उन्होंने बच्चे को बचाने की कोशिश लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पकड़े जाने के डर से राजकुमार ने घर से भागने की भी कोशिश लेकिन आसपास के लागों ने उसे पकड़ लिया।
पुलिस के मुताबिक राजकुमार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी का कहना है कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है।