फरीदाबाद के बीके अस्पताल में दो दिन से भर्ती चेतना (बदला हुआ नाम) अब किसी भी व्यक्ति के नजदीक आने से डरती है।
चेतना ने बुधवार को सीडब्ल्यूसी (चाइल्ड वेलफेयर कमेटी) से अपना दर्द साझा किया। उसने अपने ही पिता पर उसे बेचे जाने और विरोध करने पर बेसहारा छोडे़ जाने का आरोप लगाया है।
मधुबनी (बिहार) निवासी इस किशोरी ने बुधवार को बीके अस्पताल से तीन बार भागने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद स्टाफ ने उसे रोका और इस बात की जानकारी सीडब्ल्यूसी को दी।
सीडब्ल्यूसी सदस्यों को चेतना ने बताया कि उसे किसी भी व्यक्ति को अपने पास आते देख डर लगता है। उसे उसके पिता ने गांव के ही किसी व्यक्ति को बेच दिया था। इस काम में उसके चाचा और उसकी सौतेली मां भी शामिल थी।
खरीदार उसे गांव के पास एक जंगल में ले गया, जहां उसने अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। विरोध करने पर उसे चाकू दिखाकर उसे डराने का प्रयास किया। लेकिन वह उसके चंगुल से भाग निकली।
चेतना ने बताया कि इसके बाद वह घर पहुंची। जहां उसके चाचा और पिता ने उससे कहा कि दिल्ली मेला देखने जाना है। फिर वह रविवार को उसे बल्लभगढ़ स्टेशन पर बैठाकर भाग गए।
कमेटी की सदस्य गीता सिंह ने बताया कि किशोरी ने जो भी बयान दिया है उसके बारे में पुलिस को जानकारी दी जाएगी। उसकी तबीयत ठीक नहीं थी, उसे खांसी और बुखार है। किशोरी ने जो पता बताया उसके आधार पर उसके परिजनों को खोजा जाएगा।