अलीगढ़ में एक अहम पद पर तैनात एक वरिष्ठ महिला अधिकारी से रविवार मध्य रात उनके सरकारी आवास में दुष्कर्म का प्रयास किया गया। इस दुस्साहसिक घटना को पारिवारिक विवाद में महिला अफसर के दो रिश्तेदारों ने अंजाम दिया और उन्हें मारने के इरादे से हिट की बोतल खाली कर पूरा लिक्विड पदार्थ उनके मुंह में उड़ेल दिया।
सुबह नौकरानी के आने पर जब महिला अफसर के बेहोश मिलने की खबर लगी तो उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां दोपहर तक चले उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ। देर रात इस मामले में थाने में तहरीर मिली, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा था।
बेड पर बेहोश मिलीं महिला अफसर
सरकारी आवास में रहने वाली वरिष्ठ महिला अफसर यहां अकेली रहती हैं, जबकि उनका परिवार बाहर रहता है। सुबह करीब आठ बजे रोजाना की तरह जब उनकी नौकरानी दरवाजे पर पहुंची और दरवाजा पीटा तो दरवाजा नहीं खुला। काफी प्रयास के बाद असफलता हाथ लगने पर खबर पड़ोसी अफसरों व पुलिस को मिली।
इस पर बिल्डिंग की पहली मंजिल पर बने उनके सरकारी आवास में पीछे से जब एक सिपाही को भेजा गया तो उसने दरवाजा खोला। अंदर जाकर देखने पर मिला कि अधिकारी बेड पर बेहोश पड़ी हैं और पास ही हिट की खाली बोतल पड़ी है। इसके अलावा कुछ खाने पीने का सामान बिखरा पड़ा है।
इस पर सीओ संसार सिंह आसपास के लोग उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। जहां करीब दोपहर चार बजे तक चले उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने में जुटी पुलिस
इस मामले में संबंधित थाने में महिला अधिकारी के भाई की ओर से एक तहरीर दी गई, जिसमें दो करीबी रिश्तेदारों को नामजद करते हुए महिला अधिकारी बहन के साथ दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया। इसके बाद इस मामले में पुलिस जांच तेजी से चल पड़ी है। एक तरफ इस मामले में पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए आगरा-लखनऊ की लैब से फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई, जिसने महिला अफसर के घर में जाकर सभी पहलुओं पर साक्ष्य जुटाए। इसके अलावा महिला विवेचक महिला अफसर के बयान लेने भी गईं। हालांकि महिला अफसर का स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण बयान नहीं हो सके। इधर, पुलिस ने आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए मुकदमे की धारा में भी संशोधन किया है।
नामजद आरोपियों की तलाश में दो टीमें उनके घरों बरेली व फर्रुखाबाद भेजी गईं, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा। अब पुलिस उन्हें अन्य तरह से खोजने का प्रयास कर रही है। महिला अधिकारी के सरकारी आवास पर पुलिस सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। एसपी सिटी के मुताबिक इस मुकदमे में धारा 458, 328, 354, 376, 511, 323, 324, 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि रात को मुकदमे में दुष्कर्म के प्रयास में महज धारा 376 का प्रयोग किया गया था। मगर विधिक राय और अभियोजन अधिकारियों की सलाह के बाद 376 के साथ 511 भी बढ़ा दी गई है।
जिस सरकारी आवास में यह महिला अधिकारी रहती हैं, वहां पीएसी के गार्ड भी तैनात रहते हैं। इतनी बड़ी घटना हो गई और पीएसी गार्ड को पता तक नहीं चला। इसे लेकर पीएसीकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसे लेकर अधिकारियों का यही कहना है कि यह सभी पहलु पुलिस जांच में शामिल किए जाएंगे। उसके बाद ही कहा जा सकेगा कि आखिर आरोपी कहां से और कैसे घुसे। उसके बाद ही पीएसीकर्मियों की भूमिका तय की जाएगी।