पटियाला पुलिस ने ड्रग तस्कर गिरोह के सरगना बर्खास्त डीएसपी जगदीश सिंह उर्फ भोला को गिरफ्तार कर लिया है।
700 करोड़ की सिंथेटिक ड्रग की अंतरराष्ट्रीय स्मगलिंग करने वाले गिरोह के चार साथी भी पकड़े हैं।
इन्हें सोमवार दोपहर को हरियाणा के सोनीपत के पास गनौर क्षेत्र से पकड़ा। भोला के पास से 18 करोड़ मूल्य के सिंथेटिक ड्रग्स और दो गाड़ियां बरामद हुई हैं।
एसएसपी हरदियाल सिंह मान ने सोमवार शाम को पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि इसी साल मार्च में जिला फतेहगढ़ साहिब में बतौर एसएसपी उनकी तैनाती के दौरान एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग स्मगलिंग नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ था।
पुलिस की ओर से इस केस में तीन मार्च 2013 को ड्रग पैडलर अनूप सिंह काहलों, जालंधर और कुलविंदर सिंह उर्फ राकी, नवांशहर को काबू किया था। इनके पास से एक अरब 32 करोड़ 70 लाख की कीमत की 26 किलो 540 ग्राम हेरोइन बरामद की थी।
इसी केस की पड़ताल के दौरान जगदीश सिंह उर्फ भोला इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग स्मगलिंग गिरोह के सरगना के तौर पर सामने आया था। भोला की धरपकड़ के लिए मार्च से ही विशेष टीमों का गठन करके कोशिशें की जा रही थीं।
सोमवार दोपहर को पटियाला पुलिस ने हरियाणा के जिला सोनीपत के गनौर इलाके के नजदीक एक गाड़ी अलांटरा से जगदीश सिंह भोला को पकड़ा। उसके साथी रविंदर सिंह, सोनीपत और दूसरी गाड़ी इनोवा से भोला के तीन और साथियों सरबजीत सिंह उर्फ सबा कथू नंगल, हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी तरनतारन, बलजिंदर सिंह तरनतारन को काबू किया है।
भोला और इसके साथियों के पास से पुलिस को 18 करोड़ रुपये की डेढ़ किलो आइस (एमफैटामाइन), 10 किलो सुडोफैडरीन और 600 ग्राम एफड्रिन बरामद हुई है।
छह मामलों में वांटेड था भोला
एसएसपी ने बताया कि भोला और सरबजीत को एनडीपीएस एक्ट और असलाह एक्ट थाना बनूड़ में 15 मई 2013 को दर्ज मामले में गिरफ्तार किया है। भोला पुलिस को फतेहगढ़ और पटियाला में दर्ज छह विभिन्न केसों में वांटेड था। वह सिंथेटिक ड्रग्स से खतरनाक नशे हेरोइन और आइस अपनी निगरानी में तैयार कराता था।
1998 में मिला था अर्जुन अवार्ड
भोला एक राष्ट्रीय स्तर का रेसलर था और उसने भारत केसरी, भारत मल सम्राट, रुस्तमे हिंद, हिंद केसरी और विश्व खालसा केसरी के खिताब हासिल कि ए थे। भारत सरकार ने उसे साल 1998 में अर्जुन अवार्ड दिया था। भोला को पंजाब पुलिस में डीएसपी रैंक के ओहदे पर तैनात किया था, लेकिन 1998 में उसे गैरकानूनी गतिविधियों के कारण नौकरी से बर्खास्त कर दिया था।
इंटरपोल की मदद ली जाएगी
सभी आरोपियों को मंगलवार को मोहाली में पेश किया जाएगा। एसएसपी ने बताया कि इस ड्रग स्मगलिंग केस में कई एनआरआई के भी शामिल होने की आशंका है। इन्हें पकड़ने के लिए इंटरपोल की मदद ली जाएगी।