पिछली कुछ परीक्षाओं में सॉल्वरों ने अभ्यर्थियों को मोबाइल पर एसएमएस द्वारा आंसरशीट उपलब्ध कराई।
हालांकि इस बार गिरोह ने रणनीति बदलते हुए नया तरीका ईजाद किया और सिटिंग प्लान तक सेंधमारी कर डाली।
नाका क्षेत्र के दयानंद विद्या मंदिर स्कूल में अभ्यर्थी को मिलने वाले प्रश्नपत्र क्रमांक के हिसाब से आंसर शीट परीक्षा से पहले ही उपलब्ध करा दी गई।
ऐसे में संभव है कि अगली बार सॉल्वर गिरोह कोई नया तरीका अख्तियार कर लें।
10 नवंबर को हुई परीक्षा में अधिकारियों ने 17 अभ्यर्थियों को चिह्नित किया। इन अभ्यर्थियों के पास मोबाइल होने का संदेह था।
लेकिन उनके पास मोबाइल बरामद नहीं हुआ। नाका क्षेत्र के दयानंद विद्या मंदिर में कक्ष निरीक्षक ने बागपत जिले के अंकित चौधरी को पर्ची से नकल करते देखा।
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पड़ताल की गई तो पता चला कि इस बार मोबाइल से प्रश्नपत्र का कोड मंगाने की बजाय अभ्यर्थियों को पहले से ही आंसरशीट दे दी गई थी।
सॉल्वरों ने यहां तक सेंध लगा ली थी कि अभ्यर्थी को किस सिरीज का प्रश्नपत्र मिलने वाला है।
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अभ्यर्थियों को इस बार कागज के टुकड़े पर सवालों के जवाब लिखकर दे दिए गए। अधिकारियों ने मोबाइल होने की आशंका के चलते संदिग्ध अभ्यर्थियों की चेकिंग करवाई पर किसी के पास कुछ नहीं मिला।
बताते चलें कि पिछले चार परीक्षाओं में लखनऊ में दो दर्जन से ज्यादा अभ्यर्थी नकल करते पकड़े गए पर जांच के नाम पर गाड़ी आगे नहीं बढ़ सकी है।