हैदराबाद की विशेष सीबीआई कोर्ट ने 2001 के फर्जी पासपोर्ट मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को सात साल कारावास की सजा सुनाई है।
विशेष सीबीआई कोर्ट के जज एम वी रमण नायडू ने अबू सलेम को फर्जी नाम और पते से पासपोर्ट हासिल करने का दोषी माना है।
अबू सलेम ने रामिल कामिल मलिक के नाम से 2001 में पासपोर्ट हासिल किया था और आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले का पता दिया था। उसमें पिता का नाम और जन्मतिथि भी फर्जी थी।
हैदराबाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से उसने तीन फर्जी पासपोर्ट हासिल किए थे। एक अपनी बीवी के लिए और दूसरा मोनिका बेदी के लिए।
अक्टूबर 2002 में केंद्रीय जांच एजेंसियों ने मामले की जांच आंध्र पुलिस को सौंपी दी थी। 2004 में 10 लोगों के खिलाफ इस मामले में केस दर्ज किया गया। दो लोग बरी हो गए, जबकि सात लोगों पर सुनवाई चल रही है।
अबू सलेम के खिलाफ 2009 में इस मामले में सुनवाई शुरू हुई थी।