कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में सीरीज के पहले टेस्ट मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया के 8 विकेट से रौंद दिया। खास बात यह है कि इस जीत में भारत के गेंदबाजों और बल्लेबाजों दोनों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। इस जीत के बावजूद ओपनिंग जोड़ी और हरभजन सिंह का प्रदर्शन चिंता का विषय बना है।
लंबे समय से फ्लॉप चल रहे वीरेंद्र सहवाग इस मैच में भी कुछ खास नहीं कर सके। दोनों पारियों को मिलाकर वे केवल 21 रन बना सके। इसके अलावा युवा मुरली विजय भी दोनों पारियों को मिलाकर 12 रन ही बना सके। ऐसे में क्या दूसरे टेस्ट मैच में इन दोनों ओपनरों में से किसी एक को बाहर बिठाकर शिखर धवन को मौका मिलना चाहिए।
चेन्नई में 100वां टेस्ट खेलने वाले हरभजन सिंह कुछ खास नहीं कर सके। स्पिनरों की मददगार पिच पर भी वे कारनामा नहीं कर सके। खास बात यह रही कि जब दूसरे छोर से आर अश्विन और रविंद्र जडेजा लगातार विकेट झटक रहे थे वहीं हरभजन गेंदबाजी में जूझते दिखे। ऐसे में क्या धोनी को दूसरे टेस्ट में जबरदस्त फॉर्म में चल रहे प्रज्ञान ओझा पर दांव लगाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि दूसरा टेस्ट मैच 2 मार्च से हैदराबाद में होगा।