रेल मंत्री पवन कुमार बंसल का पिटारा खुलने के पहले ही संगम नगरी को उपहार मिल गया है। रेलवे बोर्ड ने नैनी में प्रस्तावित दोनों रेल फ्लाईओवर के सर्वे को मंजूरी दे दी है।
फ्लाईओवर नैनी से इरादतगंज और करछना से इरादतगंज के बीच बनाने का प्रस्ताव है। रेलवे का दावा है कि इनके बनने से नैनी और छिवकी में ट्रेनों के जाम होने की स्थिति से छुटकारा मिल जाएगा। दावा किया जा रहा कि मंगलवार को रेल बजट में सर्वे के लिए धन की घोषणा भी कर दी जाएगी।
दिसंबर में उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक आलोक जौहरी ने शहर में तीन रेल फ्लाईओवर के प्रस्ताव का ऐलान किया था। इनमें इरादतगंज से नैनी और करछना तक दो रेल फ्लाईओवर और रामबाग से नैनी तक एक रेल फ्लाईओवर का प्रस्ताव था। ‘अमर उजाला’ ने रेल बजट-2013 की उम्मीदों के मुद्दों में इसे प्रमुखता से उठाया था।
उत्तर मध्य रेलवे के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक नैनी क्षेत्र में प्रस्तावित दोनों फ्लाईओवर के सर्वे को रेलवे बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। तीन दिन पहले रेलवे बोर्ड से इसकी मंजूरी की चिट्ठी भी उत्तर मध्य रेलवे को मिल गई है। सूत्र बताते हैं कि रामबाग से नैनी के बीच प्रस्तावित फ्लाईओवर के सर्वे को भी मंजूरी मिलने की संभावना है।
रेलवे बोर्ड के सूत्रों का दावा है कि इलाहाबाद जंक्शन पर ट्रेनों की भीड़ है। अगले अर्द्धकुंभ या कुंभ तक यह स्थिति और खराब होना तय है। महाकुंभ में मुख्य स्नान पर्वों पर मालगाड़ियों के रोकने से करोड़ों का नुकसान हो चुका है। भविष्य में यात्री और गुड्स ट्रेनें बढ़ेंगी। सो, रेल फ्लाईओवर के बिना काम चलने वाला नहीं है।
एनसीआर के सीपीआरओ संदीप माथुर यह तो स्वीकार किया कि बोर्ड ने कुछ मंजूरी दी है लेकिन रेल बजट का मामला होने से उन्होंने कुछ कहने से मना कर दिया।
छिवकी में क्या है स्थिति
झांसी या सतना की ओर से आने वाली मालगाड़ियों को मुगलसराय की ओर भेजने के दौरान करछना से नैनी के बीच अप और डाउन लाइन पर ट्रेन परिचालन पूरी तरह से रोकना पड़ता है। इसी तरह इलाहाबाद से झांसी या सतना रूट पर मालगाड़ी भेजने के दौरान नैनी से इलाहाबाद के बीच सभी ट्रेनें रोकनी पड़ती हैं।