मन में कुछ करने की चाह हो तो कठिन से कठिन डगर भी आसान हो जाती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है चंडीगढ़ में एक सामान्य परिवार में जन्में ललित जैन ने। वह बचपन से ही प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना संजोए हुए थे। वर्ष 2011 में आईएएस परीक्षा में उन्होंने 41वां रैंक हासिल किया।
युवा अधिकारी ललित युवाओं के रोल मॉडल बने हुए हैं। ललित जैन का जन्म चंडीगढ़ में शशिपाल जैन और रजनी जैन के घर 19 मार्च, 1983 को हुआ। उन्होंने अपनी शिक्षा चंडीगढ़ में पूरी की। डीएवी स्कूल से जमा दो के बाद सेक्टर-11 स्थित कॉलेज से बीए ऑनर्स की डिग्री हासिल की।
इसके बाद दो साल आईएएस की कोचिंग ली। उन्होंने सबसे पहले परागपुर (कांगड़ा) में एसी डेवलपमेंट के पद पर कार्य किया। वर्ष 2012 में नालागढ़ के एसडीएम का कार्यभार संभाला। एसडीएम बनने के बाद ललित जैन ने खनन माफिया पर लगाम लगाई। वह दिन-रात छापामारी को तैयार रहते थे। उन्होंने अन्य विभागों से तालमेल बैठाकर विकास एवं अन्य कार्यों को भी गति प्रदान की।
ललित जैन सुबह पौने दस बजे कार्यालय पहुंच जाते हैं। इससे सभी विभागों के कर्मचारियों ने जल्द आना शुरू कर दिया। उन्होंने कार्यालय में एक शिकायत पेटी लगाई है, जिसमें आम लोग अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। बीबीएन को साफ-सुथरा बनाने के लिए उद्योगों से मिलकर सफाई अभियान चलाया है। इसके सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं।
ललित जैन कहते हैं कि अगर लगन और मेहनत से कोई कार्य किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है। कहा कि युवा नशे से दूर रहें और अपनी मंजिल पाने के लिए कड़ा परिश्रम करें।
ललित जैन ने बताया कि बीबीएन को फोरलेन और रेलवे लाइन से जोड़ना उनकी प्राथमिकता है। इसके अलावा बीबीएन में सफाई और पार्कों का निर्माण भी उनकी प्राथमिकता में है।