सीबीएसई ने कोटा, दिल्ली सहित देश के विभिन्न भागों में कोचिंग कर रहे छात्रों को प्रवेश देने वाले स्कूलों पर कार्रवाई करने का फैसला किया गया है। ऐसे स्कूल जो फ्लाइंग नामांकन लेकर बोर्ड को बदनाम कर रहे हैं, उनकी मान्यता भी रद्द की जाएगी। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज की ओर से जारी सूचना में इस आशय के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड ने कहा है कि जो छात्र 11वीं में फ्लाइंग नामांकन लेंगे, उनका प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा।
देश के अलग-अलग भागों में दसवीं की परीक्षा पास करने के बाद छात्र-छात्राएं इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने के लिए अच्छे कोचिंग संस्थानों में प्रवेश लेते हैं। ये छात्र स्कूल में नामांकन चाहते हैं, लेकिन क्लास नहीं करना चाहते। ऐसे छात्र स्कूल वालों की कृपा पर 11वीं में कोई परीक्षा नहीं देते, स्कूल वाले उन्हें सीधे 12वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल करने की गारंटी देते हैं। जबकि, बोर्ड की ओर से 12वीं की परीक्षा में शामिल होने के लिए 75 फीसदी न्यूनतम उपस्थिति का नियम है।
सीबीएसई ने 2019 की बोर्ड परीक्षा से पहले केरल, हरियाणा और पंजाब में एक हजार से अधिक फ्लाइंग नामांकन कराकर स्कूल नहीं आने वाले छात्रों के नामांकन निरस्त किए थे। बोर्ड को लगातार मिली शिकायतों के मद्देनजर इस बार शैक्षिक सत्र के आरंभ से ही नामांकन के मिले डॉटा की जांच की जाएगी। स्कूलों को निर्देश दिया गया कि उन्हें जितने सेक्शन चलाने की मान्यता मिली है, उतने ही नामांकन करें। बोर्ड ने सेक्शन में 40 से 45 छात्र ही रखने का नियम बनाया है। बोर्ड इसके लिए शिक्षकों की संख्या भी देखेगा। संबद्धता के अनुसार हर सेक्शन के अनुसार छात्रों की संख्या भी देखेगा।
11वीं में नामांकन कराने और 12वीं के परीक्षा फार्म भरे जाने के बीच में अब तीन बार परीक्षार्थियों की जांच होगी। स्कूल में कितने नामांकन हुए, बारहवीं परीक्षा के लिए कितने रजिस्ट्रेशन हुए और कितने परीक्षार्थियों ने परीक्षा फार्म भरे, इसकी जांच की जाएगी। इसके जरिए बाहर पढ़ाई (फ्लाइंग) करने वाले छात्रों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा।