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मैंने अखिलेश को पाला है, नहीं आना चाहिए कुर्सी का अहम: शिवपाल

Sat, 17 Sep 2016 03:12 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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श‌िवपाल यादव - फोटो : amar ujala
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अखिलेश हमारा भतीजा है। 4 साल की उम्र से जब तक पढ़ाई चली है वह मेरे और मेरी पत्नी के साथ रहा है। हमने ही उसका पालन-पोषण किया और पढ़ाया-लिखाया है। वो तो मेरे बेटे की तरह है इसलिए कोई झगड़ा नहीं है।  ये बातें श‌िवपाल यादव पर‌िवार और पार्टी के बीच कलह न‌िपट जाने के बाद एक कार्यक्रम के दौरान कहीं। 
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श‌िवपाल ने कहा क‌ि पूरे प्रदेश में ये घटनाक्रम मीडिया में आया है तो लोगों को चिंता भी है लेक‌िन ये घटना कोई खास बात नहीं है। परिवार को बेटों से ही उम्मीद होती है। वह प्रदेश की सबसे ऊंची कुर्सी पर विराजमान हो गया है तो हमें क्या दिक्कत हो सकती है। हमें उससे कोई प्रतिस्पर्धा भी नहीं है। नेताजी हमारे परिवार के मुखिया हैं।

शिवपाल ने कहा क‌ि किसी की हैसियत नहीं है कि उनकी बात न मानें। उन्होंने कहा क‌ि नेताजी का संकेत मेरे लिए आदेश है। जो भी जिम्मेदारी नेताजी हमें देंगे हम निभाएंगे। फिर झगड़ा कहां हैं।
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शिवपाल ने कहा क‌ि 2017 में हमें बहुत के साथ सरकार बनानी हैं। मैंने अखिलेश और कार्यकर्ताओं से कहा है क‌ि हमें पार्टी को मजबूत करना है। 

शिवपाल ने कहा क‌ि मैं भी कैबिनेट मंत्री हूं। मैंने अखिलेश के नेतृत्व में काम किया है। मेरे पास कई विभाग हैं और मैंने बहुत काम किया है। 

‘अमर स‌िंह नहीं लड़ाई की जड़’

श‌िवपाल यादव - फोटो : amar ujala
श‌िवपाल से जब ये पूछा गया क‌ि एक कार्यक्रम के दौरान अख‌िलेश ने कहा है क‌ि लड़ाई की वजह मैं नहीं बल्क‌ि मेरी कुर्सी है। इस पर ‌श‌िवपाल ने कहा, मैंने बहुत मुख्यमंत्री देखे हैं। बहुत लोगों को कुर्सी पर बैठे देखा है। क‌िसी को भी कुर्सी का अहम नहीं होना चाह‌िए।

उन्होंने कहा क‌ि समावादी पार्टी में कोई झगड़ा नहीं है। नेताजी का संदेश मेरे ‌ल‌िए आदेश है। हम समाजवादी पार्टी को कमजोर नहीं होने देंगे। श‌िवपाल ने कहा क‌ि चुनाव नजदीक है और हमें चुनाव पर ध्यान देना है।

श‌िवपाल ने ये भी कहा क‌ि उन्हें नहीं लगता क‌ि पार्टी में व‌िवाद की जड़ अमर स‌िंह हैं।

अख‌िलेश को चाचा की नसीहत

अखिलेश और शिवपाल
मैंने इस्तीफा दे‌ दिया है, मुझे उससे बड़ी जिम्मेदारी मिली है। मुझे चुनाव पर ध्यान देना है। विभाग कोई भी देखे। मुझे एक विभाग दिया था तो मैंने कहा क‌ि उस विभाग की भी क्या जरूरत है। 

कार्यकर्ताओं से भी कह दिया है कि पार्टी को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने देंगे। मैंने तो अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दिया था। मैं तो कार्यकर्ता के रूप में ही काम करना चाहता था लेकिन वो इस्तीफा अस्वीकार हो गया।

अखिलेश यादव के ‘बीच वाले’ लोगों का जिक्र करते हुए शिवपाल ने कहा कि बीच वाले लोगों के साथ मेरा भी अखिलेश से लंबा अनुभव रहा है। अखिलेश के साथ तो ऐसे-ऐसे ‘बीच वाले’ और कैबिनेट मंत्री बैठते हैं जो काम भी नहीं करते हैं। श‌िवपाल ने कहा, अमर हमारे पर‌िवार को नुकसान नहीं पहुंचा सकते। अख‌िलेश के भी अगल-बगल ऐसे लोग हैं जो नुकसान करते है, अभी भी बैठे उन्हें वाट्सएप कर रहे होंगे।

शिवपाल ने अखिलेश को नसीहत दी की पढ़े-लिखे हो तो अकल से काम लो। सभी अखिलेश नहीं हो सकते हैं न सभी शिवपाल नहीं हो सकते। 

किससे क्या काम लेना है ये उनकी जिम्मेदारी है। उन्हें प्रदेश में सबसे बड़ा पद मिला है तो उनकी जिम्मेदारी है उन्हें सीखना चाहिए। बड़े अनुभवी लोग हैं। 
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सामने आया श‌िवपाल का दर्द

शिवपाल सिंह यादव - फोटो : Facebook
आपने अखिलेश को पाला है वो मुख्यमंत्री ही नहीं आपके भतीजे भी हैं फिर भी उन्होंने अपना सारा पावर आप पर ही क्यों दिखा दिया, इस पर शिवपाल ने जवाब दिया कि वह सबसे बड़े पद पर हैं। वह प्रदेश अध्यक्ष भी थे और नेताजी ने वो पद मुझे दे दिया।

शिवपाल ने कहा क‌ि मुझे अवैध कब्जों और गरीबों तक राशन पहुंचने में दलाली से तकलीफ है। उन्होंने कहा क‌ि ये बात मैं मुख्यमंत्री और नेताजी तक पहुंचा चुका हूं।

शिवपाल ने बताया कि मैंने तो नेताजी की बचपन में बहुत नकल की है। जब वह घर पर नहीं होते थे तो हम उनकी धोती भी पहन लेते थे। अखिलेश को भी बड़ों से सीखना चाहिए, अनुभव लेना चाहिए। शिवपाल ने कहा, अखिलेश को मुझसे भी सीखना चाहिए।

2011 से पहले मैं भी सपा का प्रदेश अध्यक्ष था। कार्यकर्ताओं की म‌ीटिंग ले रहा था और इसी तरह से मुझे हटाया गया था। मैंने तो इस बात का स्वागत किया, उफ तक नहीं किया। नेताजी का आदेश ही मेरे लिए सबकुछ है।
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