आल जेएंडके रिटायर्ड पुलिस पर्सनल फोरम के सदस्यों ने पांचवें वेतन आयोग लागू करते समय एएसआई और हेड कांस्टेबल का वेतन कम करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। शहीद भगत सिंह पार्क में आवाज बुलंद करते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वह उग्र रुख अपनाएंगे।
पार्क में प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे फोरम के अध्यक्ष सतपाल शर्मा ने कहा कि सरकार ने पुलिस के एएसआई और हेड कांस्टेबल के साथ भेदभाव किया। इस संदर्भ में हाई कोर्ट जम्मू में याचिका भी दायर की गई थी, जहां सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए गृह सचिव की अध्यक्षता में वेतन विसंगतियों को लेकर कमेटी बनाने की बात कही।
कमेटी की रिपोर्ट में नोशनली फायदे एक जनवरी 1996 और माइनरिटी फायदे एक अप्रैल 2012 से देने की सिफारिश की गई। इस संदर्भ में सरकार ने सत्रह अक्टूबर 2014 को आदेश जारी किया, जिसमें उन्हें पांचवें वेतन आयोग का लाभ सत्रह अक्टूबर 2014 से ही दिया गया। उन्होंने बताया कि यह लाभ एक जनवरी 1996 से दिए जाने थे।
कहा कि इस समस्या को लेकर डीजीपी से भी मुलाकात की गई और उन्होंने गृह मंत्रालय से बात की। इसके बाद एक बार फिर उन्हें पांचवें वेतन आयोग के लाभ वर्ष 1996 से देने की सिफारिश की गई। उन्होंने कहा कि हाल में वित्त विभाग ने इस संदर्भ में 23 जून को एक बार गृह मंत्रालय को लिखा है।
इस तरह से लगातार कर्मचारियों को उनके हक से महरूम रखा जा रहा है और मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि उनकी जायज मांग को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो फोरम सड़कों पर उतर उग्र आंदोलन छेड़ने को मजबूर हो जाएगी। बैठक में रिटायर्ड पुलिस पर्सनल फोरम के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।