चेतावनी दी कि अविलंब शिक्षामित्रों को वेतन नहीं मिला तो वह आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
संगठन के जिलाध्यक्ष क्रांतिमान शुक्ल ने कहा कि विभाग की मनमानी से दूसरे चरण मेें समायोजित शिक्षामित्रों को वेतन नहीं दिया जा रहा है। इससे उनके सामने भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गई है।
शिक्षामित्र लोगों से कर्ज आदि लेकर अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं लेकिन विभागीय उदासीनता से उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है।
कमलेश दूबे ने कहा कि विभाग के लचर रवैये से प्रमाणपत्रों का सत्यापन नहीं हो पा रहा है। निर्णय लिया गया कि जिसका शैक्षिक सत्यापन हो गया है उसका वेतन भुगतान जल्द किया जाए अन्यथा वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
बैठक में राकेश कुमार शुक्ल, देवेद्र तिवारी, निशा देवी, सीमा देवी, विनय कुमार मालवीय, कुसुम देवी, नागेद्र तिवारी, सत्यभामा सिंह, गगन कुमार सिंह आदि लोग मौजूद रहे।