दिल्ली के श्रद्धा मर्डर कांड की तरह राजस्थान के नागौर में गुड्डी का मर्डर किया गया था। गुड्डी की हत्या करने वाले आरोपी का अब ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट किया जाएगा। गुड्डी नागौर की बालासर गांव की रहने वाली थी, जिसे प्रेमी अनोपाराम ने ही मौत के घाट उतार दिया था।
यह है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, गुड्डी बालासर गांव की रहने वाली थी। वह अनोपाराम सेन से प्यार करती थी। वह उसके साथ जीवन यापन करना चाहती थी। लेकिन अनोपाराम और गुड्डी दोनों शादीशुदा थे। गुड्डी शादी के लिए अनोपाराम पर दबाव बनाती थी। वह 22 जनवरी को ससुराल जाने के लिए निकली थी। अनोपा उसे अपने साथ बुटाटी लेकर गया, वहां अनोपा पर गुड्डी ने शादी का दबाव बनाया। मना करने पर गुड्डी ने उसकी उंगली काट ली।
शव का ठिकाना नहीं बताता आरोपी
दो दिन बीत गए, गुड्डी ससुराल नहीं पहुंची तो उन्होंने पीहर पता लगवाया तो वह पीहर में भी नहीं थी। थाने में गुड्डी की गुमशुदगी दर्ज करवाई गई। छह दिन बाद 28 जनवरी को पुलिस को बालवा रोड के जंगलों में बाल, कपड़े, जबड़ा और हड्डी मिली, जो गुड्डी की थी। पुलिस ने परिजनों के शक के आधार पर अनोपाराम को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने गुड्डी की हत्या की है, और लाश के टुकड़े-टुकड़े करके उन्हें फेंक दिया है। शव कहां फेंका है, इसका जवाब वह हमेशा टाल देता है और पुलिस को गुमराह करने के लिए गलत-गलत ठिकाने बता देता है।
पुलिस ने एडपडीआरएफ और एनडीआरएफ की मदद से इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन शव का कोई पता नहीं चल सका। आरोपी से ठिकाना जानने के लिए पुलिस ने पॉलीग्राफ टेस्ट भी करवाया था, लेकिन उसमें भी उन्हें सफलता नहीं मिली।
कोर्ट ने भी दी इजाजत
नागौर एसपी राममूर्ति जोशी ने बताया कि आरोपी का पॉलीग्राफ टेस्ट किया गया, कई बार अलग-अलग तरीकों से पूछताछ की गई लेकिन आरोपी शव का ठिकाना नहीं बता रहा कि उसने शव को कहां छिपाया है। शव के मिले टुकड़ों के डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट भी आ गई है, जो गुड्डी से मैच होता है। लाश का ठिकाना जानने के लिए कोर्ट ने नार्को टेस्ट की इजाजत दे दी है। जांच गुजरात के गांधीनगर में की जाएगी। फिलहाल आरोपी अजमेर जेल में बंद है।