मध्यप्रदेश कांग्रेस में बड़ी सर्जरी की तैयारी है। विधानसभा वार समीक्षा रिपोर्ट आते ही पार्टी हाईकमान एक्शन लेगा। विधान सभा चुनाव में हुई करारी हार के बाद पार्टी ने सभी प्रत्याशियों से 10 दिन के भीतर दो रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है। इसमें एक रिपोर्ट में विधानसभा में हुए चुनाव का विश्लेषण करना है जबकि दूसरी रिपोर्ट में संगठन की खामियां और भीतरघात करने वालों के नाम बताना हैं। इसके बाद पार्टी हाईकमान इन नामों पर कार्यवाही करते हुए इन्हें पद से हटाने के साथ ही पार्टी से बाहर का रास्ता भी दिखा सकता है। इसके साथ विभाग अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष और प्रभारी भी नपना तय हैं।
बता दें, कांग्रेस को विधान सभा चुनाव में सिर्फ 66 सीटें मिली हैं जबकि कांग्रेस प्रदेश में सरकार बनाने का दावा कर रही थी।
बदले जाएंगे जिला अध्यक्ष और प्रभारी
बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश में पार्टी आलाकमान ऊपर से लेकर नीचे तक बदलाव के मूड में है। ऐसे में कई जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारियों को भी बदला जाएगा। उनके स्थान पर किसी नए को जिम्मेदारी दी जायेगी। इसके साथ ही बूथ पर पार्टी को मजबूत करने की दृष्टि से कार्य किया जाएगा।
विभाग अध्यक्षों पर भी गिरेगी गाज
कांग्रेस के विभाग अध्यक्षों पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है। संगठन स्तर पर महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, मीडिया सहित अन्य विभाग के कामों की भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इन विभागों ने चुनाव के दौरान कैसा काम किया इसकी विस्तृत जानकारी मांगी गई है। इसके आधार पर इनके प्रमुखों का भाग्य निर्धारित होगा। इसके साथ ही इन विभागों के प्रभारियों से भी सवाल जवाब किए जाएंगे।
दिल्ली में हुई है बैठक
इधर, दिल्ली में शुक्रवार रात को पार्टी हाईकमान ने मध्यप्रदेश की हार पर मंथन किया। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला, प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित तमाम बड़े नेता शामिल रहे। इसमें भी संगठन में सुधार किए जाने की बात सामने आई।