इंस्टीटयूट ऑफ एंडवांस्ड मैनेजमेंट एंड टेकनालोजी (आईएएमटी) सोसायटी के खातों से करोड़ों रुपये अध्यक्ष के हस्ताक्षर के बिना ही निकालने का मामला सामने आया है।
कोर्ट के आदेश पर अध्यक्ष विमला रानी ने दो बेटों पुनीत मोहन शर्मा और राजीव मोहन शर्मा के खिलाफ सिविल लाइन थाने में गबन का मुकदमा दर्ज कराया है। विमला शर्मा ने तीसरे बेटे और पूर्व आईपीएस अजय मोहन शर्मा, पुत्रवधू अर्चना और अपनी जान को भी खतरा बताया है।
शास्त्रीनगर निवासी विमला रानी (84) का कहना है कि उनके पति स्वर्गीय मदन मोहन शर्मा ने आईएएमटी सोसायटी का गठन किया था। इस सोसायटी के अर्न्तगत सुजान सिंह डिग्री कॉलेज मेरठ व अन्य संस्था भी आती है। विमला सोसायटी की अध्यक्ष हैं। सचिव के पद पर उनके बेटे पुनीत मोहन शर्मा हैं जो आर्य नगर में रहते हैं।
आईएएमटी का खाता यूनियन ऑफ इंडिया की अब्दुल्लापुर शाखा मेरठ में है। सुजान सिंह डिग्री कॉलेज का खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की प्रभातनगर शाखा में भी है। बायलॉज के अनुसार आईएएमटी के खातों का संचालन अध्यक्ष और सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से ही होना चाहिए।
षडयंत्र रचकर अपने खाते में ट्रांसफर किए करोड़ों रुपये
आरोप है कि पुनीत मोहन शर्मा, राजीव मोहन शर्मा और उनकी पत्नी भावना शर्मा, भावना के भाई समीर शर्मा ने षडयंत्र रचा और खातों से करोड़ों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए।
विमला रानी का कहना है कि उनके बेटे अजय मोहन शर्मा और पुत्रवधू अर्चना शर्मा ने उन्हें इसे गबन बताते हुए जानकारी दी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की तो कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
थाना सिविल लाइन इंस्पेक्टर रमेश चंद्र शर्मा का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।