आठ से अधिक बसों में तोड़फोड़ के अलावा कई कारों व दुपहिया वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया। आग पर काबू पाने पहुंची दमकल की एक गाड़ी को भीड़ ने तोड़ डाला। हमले में एक दमकलकर्मी के अलावा छह पुलिसकर्मी और 42 प्रदर्शनकारियों घायल हो गए थे।
पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया था। हिंसा को देखते हुए जसोला विहार, आरकेपुरम, मनिरका, बसंत विहार, शाहीन बाग, ओखला विहार, जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय और सुखदेव विहार मेट्रो स्टेशन को बंद करना पड़ा था।