इंदौर के 31 किलोमीटर लंबे मेट्रो ट्रेक के लिए अब मध्य हिस्से में काम होगा। यहां अंडरग्राउंड मेट्रो का काम होगा। इंदौर मेट्रो कंपनी ने सर्वे के बाद 36 स्थान चिन्हित कर मांगे है। उनमें ज्यादातर सरकारी भूमि है।
प्रशासन ने कुछ स्थानों कंपनी को आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और दावे आपत्ति आमंत्रित की है। पुलिस कमिश्नर कार्यालय की 0.2489 हेक्टेयर भूमि, अहिल्या पुस्तकालय की 0.0864 भूमि कंपनी को आवंटित की जा रही है।
इस हिस्से में मेट्रो का सबसे बड़ा स्टेेशन बनेगा। पिछले दिनों कलेक्टर आशीष सिंह ने मेट्रो के निर्माण की तैैयारियों के सिलसिले में 22 विभागों की बैठक ली थी,क्योकि मध्य हिस्से में इन विभागों के समन्वय से काम होना है। बैैठक में 36 स्थान मेट्रो ट्रेक, स्टेशन आदि के लिए सौंपने पर सहमति बनी है।
संविद नगर में नगर निगम की अस्थाई दुकानों की जमीन, गायत्री मंदिर के समीप पीडब्लूडी के कुछ मकान, रीगल तिराह जैन मंदिर की जमीन, नगर निगम मुख्यालय की जमीन, लाल अस्पताल, मल्हारगंज थाना, बड़ा गणपति के राज्य अापूर्ति विभाग की जमीन, शारदा कन्या विद्यालय परिसर की जमीन का कुछ हिस्सा मेट्रो के सौंपा जा रहा है।
नाथ रोड से अंडरग्राउंड होगी मेट्रो
गांधी नगर मेेट्रो डिपों से रेडिसन चौराहा तक 17 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो का काम चल रहा है। यहां मेट्रो स्टेशन बनाने का काम जारी है। बंगाली काॅलोनी से पलासिया, एमजी रोड होते हुए मेट्रो ट्रेक नाथ मंदिर तक पिलरों पर रहेगा। नाथ मंदिर से मेट्रो अंडरग्राउंड होगी। इसके लिए हाईकोर्ट परिसर में बड़ा और गहरा गड्ढा खोदा जाएगा। इसकी अनुमति भी मिल गई है।
कान्ह नदी के नीचे बनेगी सुरंग
अंडरग्राउंड मेट्रो का एक स्टेशन नगर निगम मुख्यालय परिसर में बनेगा। यहां से मेट्रो ट्रेक को कान्ह नदी पार कराने के लिए एक सुरंग बनाई जाएगी, जो नदी से 20 फीट नीचे रहेगी। पहले मेट्रो स्टेशन राजवाड़ा पर बनना था, लेकिन पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन की आपत्ति के बाद मेट्रो रुट में बदलाव किया और जूना रिसाला की तरफ मेट्रो स्टेशन बनाने का फैसला लिया गया।