थाना सिकंदरा में सोने पर ऋण देने वाली एसबीएफसी फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रबंधक सहित चार के कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसने कंपनी में सोना रखकर ऋण लिया। इसके बाद कर्मचारियों को किश्त की रकम फोन-पे से ट्रांसफर की। मगर, कर्मचारियों ने रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं की। उसके सोने के जेवरात हड़प लिए। पुलिस का कहना है कि विवेचना की जा रही है।
सोने के बदले लिया लोन
सिकंदरा क्षेत्र के रहने वाले प्रमोद कुमार के मुताबिक, दो साल पहले उनको रुपयों की जरूरत थी। इसके लिए 13 मार्च 2020 को एसबीएफसी फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की संजय प्लेस शाखा में संपर्क किया। उनसे सोने के बदले लोन देने का वादा किया गया। इस पर सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर 54 हजार रुपये का लोन लिया था। इसके लिए 21.56 ग्राम सोना गिरवीं रखा गया था। कंपनी कर्मचारियों ने कहा था कि लोन की रकम अदा करने पर सोना वापस लिया जा सकता है। इस पर पीड़ित किश्त के रूप में हर महीने रकम जमा करते रहे। वह फोन-पे से कंपनी के खाते में रकम ट्रांसफर करते थे।
कंपनी कर्मचारियों पर आरोप
आरोप है कि कंपनी के शाखा प्रबंधक सौरभ, रीजनल मैनेजर प्रभात, कर्मचारी नितिन और सुरेश ने रुपये कंपनी के खाते में जमा नहीं किए। आठ अक्तूबर 2021 को कंपनी से फोन आया। कर्मचारी ने बताया कि आपने किश्त जमा नहीं की है। इस पर उन्होंने रकम जमा करने के बारे में बताया। मगर, उनकी सुनी नहीं गई। उन्हें कंपनी के सिकंदरा के भावना मल्टी प्लेक्स स्थित कंपनी के कार्यालय में बुलाया। तब भी यही बताया गया।