राजद कार्यालय में प्रेस वार्ता करते सांसद मनोज झा और अन्य नेता।
- फोटो : अमर उजाला
हमारी प्राथमिकता सबसे पहले युवाओं को नौकरी देने की है
इधर, राजद सांसद मनोज झा ने कहा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2022 में यह कहा कि हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। इसको लेकर मैं बहुत परेशान हूं। इसके जवाब में तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारी एक शर्त है और शर्त यह है कि हमारी प्राथमिकता सबसे पहले युवाओं को नौकरी देने की है। उस समय नीतीश कुमार को प्रोटेक्ट किया गया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले बिहार के युवाओं को नौकरी और रोजगार देनी होगी। बिहार की चर्चा पूरे देश में किसी अन्य कारणों से होती थी यह सब जानते हैं। लेकिन, पहली बार बिहार में चर्चा तब हुई जब लाखों लोगों को बिहार में नौकरियां दी गई और इसका श्रेय जाता है तेजस्वी यादव को। तेजस्वी यादव का यह कमिटमेंट था। बिहार के हर गांव के व्यक्ति को नौकरी मिली है। साथ ही यह भी कहा कि लगभग ढाई लाख नौकरियों की प्रोसेस तेजस्वी यादव कर चुके हैं लेकिन उसे जानबूझकर कैबिनेट में पास नहीं किया जा रहा है। इसलिए मैं नीतीश कुमार से कहना चाहता हूं कि राजनीति के कारण उन नियुक्तियों को रोका न जाए। वहीं जातीय गणना को लेकर मनोज झा ने कहा कि तेजस्वी यादव ने ही आगे बढ़कर जनजातीय जनगणना करवाया था। इससे पहले जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने जातीय गणना क्यों नहीं करवाई। विधान मंडल में सबसे पहले आवाज तेजस्वी यादव ने ही आवाज उठाई थी।