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बिना कुलपति के चल रही यूनिवर्सिटी

Thu, 23 Jan 2014 11:58 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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तकनीकी कॉलेजों को संबद्धता देने वाला उत्तराखंड तकनीकी विवि छह माह से बिना स्थाई कुलपति के चल रहा है।
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तकनीकी पेंच
चयन प्रक्रिया के लिए पैनल बनाने में तकनीकी पेंच फंसने के बाद स्थिति बदलने के आसार भी फिलहाल नहीं दिख रहे हैं।

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तकनीकी विवि के कुलपति के चयन के लिए पैनल में प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, एआईसीटीई से नामित सदस्य, राज्यपाल से नामित सदस्य और हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज होते हैं।
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मगर एआईसीटीई पर सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद से एआईसीटीई की कार्यप्रणाली रुकी है। ऐसे में पैनल सदस्य नामित होना संभव नहीं हैं।

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वहीं, राज्यपाल की ओर से मुख्य सचिव को भेजे एक पत्र में कहा गया है कि प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा को पैनल में शामिल न किया जाए।

इस बदलाव के लिए यूनिवर्सिटी एक्ट में बदलाव करना होगा। यह लंबी प्रक्रिया होगी। ऐसे में कुलपति के जल्द चयन की संभावना नहीं दिख रही है।

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गौरतलब है कि पहले ही करीब एक साल से पंतनगर विवि बिना कुलपति के चल रहा है।यूटीयू में दून विवि के कुलपति प्रो. वीके जैन को जिम्मेदारी दी गई है।

लगातार हो रहा नुकसान
तकनीकी विवि लगातार घाटे की ओर बढ़ रहा है। विवि में स्थाई कुलपति न होने से कोई ठोस फैसले नहीं हो पा रहे हैं। घाटे के कारण इस बार विवि ने दीक्षांत समारोह भी टाल दिया। कई मामलों में छात्रों को भी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
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हाल ही में विवि ने बैक पेपर का नियम बदल दिया था, जबकि पहले स्थाई कुलपति पावर का इस्तेमाल कर छात्रों को बैक परीक्षा का मौका दे रहे थे।
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