यूटीयू में विभिन्न प्रोफेशनल कोर्सों में दाखिला लेने वाले प्रथम सेमेस्टर के चार हजार से ज्यादा छात्र परीक्षा के लिए दर-दर भटक रहे हैं। वहीं, उत्तराखंड तकनीकी विवि और श्रीदेव सुमन विवि इसे एक दूसरे की जिम्मेदारी बता रहे हैं।
यूटीयू ने तो द्वितीय सेमेस्टर व इससे ऊपर के पाठ्यक्रमों की परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है, लेकिन प्रथम सेमेस्टर का नहीं। साफ है कि यूटीयू प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं कराने को तैयार नहीं है।
वर्ष 2013 में एक शासनादेश जारी हुआ। इसके तहत यूटीयू से जुड़े हुए 72 प्रोफेशनल कॉलेजों को श्रीदेव सुमन विवि के साथ संबद्ध कर दिया गया।
वर्ष के अंत में एक अन्य शासनादेश जारी हुआ, जिसमें कहा गया कि जो कॉलेज पुराने सत्र में यूटीयू से संबद्ध था वे वहीं रहेंगे जबकि नए सत्र से श्रीदेव सुमन विवि से संबद्धता होगी। यह सत्र कौन सा होगा, इसकी स्थिति साफ नहीं है।
क्या कहते हैं विश्वविद्यालय
शासनादेशों की वजह से न तो श्रीदेव सुमन विवि ही परीक्षा कराने को तैयार है और न ही यूटीयू। श्रीदेव सुमन विवि का तर्क है कि नए सत्र 2014-15 से ही यह कॉलेज संबद्ध हो पाएंगे।
वहीं यूटीयू का तर्क है कि कॉलेज सत्र 2013-14 से ही श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध हो चुके हैं। इस वजह से इस साल प्रथम सेमेस्टर में दाखिला लेने वाले चार हजार छात्रों की परीक्षा अटक गई है।
इन कोर्स के छात्र हैं परेशान
बीसीए, बीएससी कंप्यूटर साइंस, बीपीटी, बीएससी बायोटेक, एमएससी बायोटेक, बीएससी होम साइंस, एमएससी होम साइंस, एमएससी माइक्रोबायोलॉजी, एमएससी सीएस, बीएससी एग्रीकल्चर, फैशन डिजाइनिंग आदि।
यह होगी दिक्कत
तकनीकी विवि की ओर से जल्द ही प्रथम सेमेस्टर को छोड़कर बाकी सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। शासन यदि जल्द ही कोई निर्णय लेते हुए यूटीयू को प्रथम सेमेस्टर की जिम्मेदारी देता भी है तो या तो विवि को परीक्षा तिथि आगे बढ़ानी होगी। क्योंकि प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा प्रक्रिया को पूरी करने में कम से कम 20 दिन का वक्त लगेगा, जिससे सत्र लेट होने का भी खतरा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
सरकार ने शासनादेश जारी कर सभी प्रोफेशनल कॉलेज श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध कर दिए हैं। हम सिर्फ द्वितीय सेमेस्टर या इससे ऊपर के छात्रों के ही एग्जाम करा सकते हैं। इनकी परीक्षाएं 10 जनवरी से प्रस्तावित हैं।
-डा. आशीष उनियाल, उपकुलसचिव, यूटीयू