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हाईस्कूल रिजल्ट की पांच दिलचस्प कहानियां

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होनहार बिरवान के होत चिकने पात। यह कहावत पूरी तरह से हाईस्कूल परीक्षा में नोएडा टॉपर दिवाकर कुमार झा पर लागू होती है। पैसों की तंगी ने दिवाकर को पढ़ाई के दौरान ही मजदूरी करने पर मजबूर कर दिया। हालांकि उसने हार नहीं मानी।
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दिवाकर ने 600 में से 536 अंक पाकर शहर में पहला स्थान प्राप्त किया। संत युवराज सिंह हाईस्कूल बरौला का ये छात्र आगे चलकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता है।

खास बात यह कि छात्र के पिता नुन्नू प्रसाद झा एक कोरियर कंपनी में मजदूरी का काम करते हैं। सिटी टॉपर ने अमर उजाला से साक्षात्कार में बताया कि उनकी सफलता में माता-पिता व गुरुजनों का हाथ रहा, जिन्होंने उसको आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं रखी।
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ठेली लगाने वाले की बेटी बनी स्कूल टॉपर

चेतराम शर्मा कन्या इंटर कॉलेज सदरपुर की छात्रा रेखा ने हाईस्कूल परीक्षा में 88 फीसदी अंक लाकर स्कूल में टॉप किया है। साथ ही उन्होंने शहर में चौथा स्थान भी पाया है। इनका परिवार मूलरूप से बिहार का रहने वाला है।

इन्होंने अभावों के बीच हार न मानते हुए सफलता की इबारत लिखी है। इनके परिवार में माता-पिता के अलावा दो छोटे भाई हैं। इनके पिता पानी की ठेली लगाते हैं। उससे होने वाले आय से ही इनका गुजारा चलता है।

कमियों की वजह से रेखा ट्यूशन भी नहीं ले पाई। बावजूद इसके उसने हार नहीं मानी। उनका कहना है कि छठी क्लास के बाद कभी ट्यूशन नहीं लिया। रूबी बड़ी होकर आईपीएस बनना चाहती है।

पैसों की तंगी से ट्यूशन भी पढ़ाना पड़ा

चेतराम शर्मा कन्या इंटर कॉलेज सदरपुर की छात्रा शिखा ने हाईस्कूल की परीक्षा में 87.3 फीसदी अंक लाकर स्कूल में तीसरा और नोएडा में छठा स्थान प्राप्त किया है। इनके परिवार में माता-पिता के अलावा दो बहन और एक भाई हैं।

इनके पिता कमलेश सिंह ड्राइवर हैं। जबकि मां नीता देवी गृहिणी हैं। शिखा ने बताया कि पैसों की तंगी के कारण उसने छोटी क्लास के बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाया। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान भी दो-तीन घंटे ट्यूशन पढ़ाती थी।

शिखा का नर्स बनने का सपना है। इसकी वजह सेवाभाव को पसंद करना बताती हैं। इंटरमीडिएट में इनको साइंस की पढ़ाई करनी है।

तंग हालत के चलते ट्यूशन भी नहीं लिया

चेतराम शर्मा कन्या इंटर कॉलेज सदरपुर की छात्रा पूनम ने हाईस्कूल की परीक्षा में 87.5 फीसदी अंक पाकर स्कूल में दूसरा और शहर में पांचवां स्थान पाया है।

इनके पिता हाकिम सिंह बीएसएनएल में लाइन मैन हैं। जबकि मां कमलेश देवी गृहिणी हैं। इन्होंने परीक्षा की तैयारी खुद ही की।

पांच भाई बहनों में चौथे नंबर पर आने वाली पूनम आगे चलकर टीचर बनना चाहती हैं। पढ़ाई में इनकी बड़ी बहन ने काफी मदद की थी। साथ ही स्कूल प्रशासन को भी धन्यवाद देती हैं।
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खाली समय में ड्रेस डिजाइन करती हैं

हाईस्कूल परीक्षा में 88.67 फीसदी अंक लाकर दूसरा स्थान पाने वाली नोएडा कन्या इंटर कॉलेज भंगेल की छात्रा रेशमा फैशन डिजाइनर बनना चाहती हैं। वह खाली समय में घर में ड्रेस डिजाइन का काम भी करती हैं।

इनके पिता सलीम खान हलवाई का काम करते हैं। जबकि मां रजिया खान गृहिणी हैं। उनका कहना है कि पढ़ाई में माता-पिता का खूब सहयोग मिला।

हालांकि पैसे की तंगी परिवार में रही इसीलिए तैयारी के लिए लिहाज से ट्यूशन नहीं लिया। शहर में दूसरा स्थान पाने पर इन्होंने खुशी का इजहार किया। इन्होंने जिले में 12वां स्थान पाया है।
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