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यूपी बोर्डः अब प्रमाण पत्र के नाम पर नहीं होगी धोखाधड़ी

Thu, 25 Dec 2014 11:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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यूपी बोर्ड के प्रमाण पत्रों के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी पर जल्द ही रोक लगाने की तैयारी है। इसके लिए बोर्ड के अंकपत्रों का प्रमाण पत्रों का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। इससे ऑनलाइन प्रमाण पत्र प्राप्त किए जा सकेंगे और इसका सत्यापन भी कराया जा सकेगा।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समक्ष जल्द ही इस योजना का प्रस्तुतीकरण करने की तैयारी कर रहा है। उनसे अनुमति मिलने के बाद इसके लिए निजी कंपनी से करार किया जाएगा।

माध्यमिक शिक्षा परिषद से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने वाले अंकपत्र को ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं, लेकिन मूल अंकपत्र व प्रमाण पत्र कॉलेज से ही प्राप्त करने होते हैं। इसके अलावा सरकारी नौकरी लगने वालों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन अभी ऑनलाइन व्यवस्था नहीं है।
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इससे बोर्ड से सत्यापन कराने में काफी समय लग जाते हैं। यूपी बोर्ड का ऑनलाइन ब्योरा न होने की वजह से धोखाधड़ी की संभावना भी बनी रहती है। इसलिए माध्यमिक शिक्षा विभाग चाहता है कि नए और पुराने सभी अंकपत्रों व प्रमाण पत्रों का डिजिटलाइजेशन करा दिया जाए जिससे लोगों को इसे लेने में परेशानी न हो और फर्जीवाड़ा भी कम हो जाए।
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मामूली चार्ज पर प्रमाण पत्र

प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने बताया कि नया हो या पुराना सभी अंकपत्र और प्रमाण पत्र ऑनलाइन मिलेंगे। इसके लिए मामूली शुल्क लिया जाएगा। पहले चरण में नए छात्रों का पूरा ब्यौरा ऑनलाइन किया जाएगा फिर पुरानों का ब्यौरा डिजिटलाइजेशन कराते हुए ऑनलाइन कर दिया जाएगा।

अंकपत्र या प्रमाण पत्र खो जाने पर इसे ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकेगा। इसके लिए मामूली शुल्क क्रेडिट या डेविड कार्ड से जमा करना होगा। शुल्क बहुत ही मामूली लिया जाएगा जिससे लोगों पर भार न पड़े। डिजिटलाइजेशन पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। मुख्यमंत्री के समक्ष जल्द ही योजना का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। उनकी सहमति के बाद इस दिशा में आगे काम शुरू होगा।
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