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यूपी के इन हजारों स्टूडेंट्स के भविष्य पर मंडराया खतरा

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यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान मलिहाबाद क्षेत्र के 10 हजार स्टूडेंट्स को केंद्र उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती होगी।जिला परीक्षा केंद्र निर्धारण समिति ने पिछले साल परीक्षा केंद्र बने जिले के 22 कॉलेजों को इस साल डिबार कर दिया है। इनमें से आठ अकेले माल-मलिहाबाद क्षेत्र के हैं।
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क्षेत्र में डिबार कॉलेज निकालने के बाद दो राजकीय और तीन अनुदानित कॉलेज के अलावा क्लासिक मॉन्टेसरी ही परीक्षा केंद्र बनने लायक बचे हैं। वहीं नए खुले राजकीय हाईस्कूल का भवन तैयार न होने की वजह से वहां परीक्षा केंद्र बनाने का सवाल ही खड़ा नहीं होता।

केवल छह कॉलेजों में दस हजार से ज्यादा छात्रों की परीक्षा कराना संभव नहीं होगा। मालूम हो कि जिला परीक्षा केंद्र निर्धारण समिति ने इस साल एसपी सिंह हायर सेकेंड्री सैदापुर को 200 से ज्यादा पंजीकरण करने और बोर्ड परीक्षा 2015 के दौरान बिजली व्यवस्था दुरुस्त न होने की वजह से सूची से बाहर कर दिया है।
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अन्य विकल्पों पर हो रहा विचार

नन्हें सिंह इंटर कॉलेज को 200 से ज्यादा पंजीकरण करने और प्रतिकूल आख्या की वजह से डिबार किया गया है। कुंवर आसिफ अली कॉलेज मलिहाबाद, गोड़वा बरौकी कॉलेज, श्रीखुशहाल दास, महेश सिंह सरस्वती, जावेद अली कॉलेज, चंद्रिका मां हायर सेकंड्री को क्षमता से ज्यादा पंजीकरण के आरोप में इस साल बोर्ड परीक्षा केंद्र सूची से बाहर किया गया है।

जिले के 22 कॉलेज डिबार होने के बाद बोर्ड परीक्षा कराने के लिए नए विकल्प की तलाश हो रही है। परीक्षा केंद्र निर्धारण समिति का फैसला होने की वजह से शिक्षा अधिकारी मामले पर सीधे बोलने से बच रहे हैं।

इस पर विचार किया जा रहा है कि डिबार कॉलेज का अधिग्रहण कर वहां का पूरा स्टाफ बदलकर परीक्षा कराई जाए। दूसरे विकल्प के रूप में अनुदानित व राजकीय कॉलेजों में अतिरिक्त फर्नीचर की व्यवस्था कर सभी परीक्षार्थी शिफ्ट करने का भी विकल्प खुला हुआ है।
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