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रोकेगा छेड़छाड़, यूजीसी का नया 'हथियार'

Thu, 19 Feb 2015 02:25 PM IST
सुनील चौहान/अमर उजाला, धारूहेड़ा
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कॉलेज की छात्राओं की छेड़छाड़ संबंधी शिकायतों को देखते हुए यूजीसी ने प्रबंधन को नया 'हथियार' दिया है। प्रबंधन इनकी अनदेखी नहीं कर सकेगा। विश्वविद्यालय की ओर से कॉलेज की सभी वेबसाइट पर शिकायत संबंधी एक विशेष पोर्टल बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
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पोर्टल का लिंक विश्वविद्यालय के साथ-साथ यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) से भी जुड़ा होगा। कार्रवाई की स्टेट्स रिपोर्ट पर इन दोनों की नजर रहेगी। पोर्टल के माध्यम से सभी कालेजों को समय-समय पर हुई शिकायतों की फीडबैक भी देना होगा।

ऐसे में जिन कॉलेजों में शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की गई या फिर लापरवाही की गई तो कॉलेज प्रशासन के खिलाफ विश्वविद्यालय की ओर से कार्रवाई की जाएगी। कॉलेजों और विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अब छात्राओं के लिए अलग से लिंक बनाया जाएगा।
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अगर लड़कियों के साथ कुछ भी गलत हो रहा है तो वे इस पोर्टल पर शिकायत कर सकती हैं। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन की ओर से सभी कॉलेज और यूनिवर्सिटी को दिए निर्देश पर ही शिकायत पोर्टल बनाया जा रहा है।

ये शिकायतें कर सकती हैं छात्राएं

पोर्टल पर रैंगिग, उत्पीड़न, रिजल्ट से संबंधित या अन्य तरह की शिकायतें की जा सकती हैं। कॉलेजों में पहले से भी गर्ल्स के लिए वूमेन सेल बना हुआ है।

साथ ही कंप्लेंट बॉक्स भी है, लेकिन वेबसाइट पर अलग से लिंक बनाने से इन शिकायतों को यूनिवर्सिटी लेवल तक भी पहुंचाया जा सकेगा। साथ ही यूनिवर्सिटी को भी इसकी जानकारी होगी कि किस कॉलेज से किस तरह की शिकायतें आ रही हैं और कितनों पर सुनवाई हो चुकी है।

नहीं छिपा सकेंगे शिकायतों को
इससे पहले महिला सेल या शिकायत बॉक्स की शिकायतों को प्रबंधन या तो उजाकर नहीं करता था या फि र अपने स्तर पर ही उसे निपटा देता था। लेकिन पोर्टल पर हुई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने पर प्रबंधन को भुगतना पडे़गा।

तेजी से बढ़ रही है शिकायतें
कॉलेजों में छात्राओं की ओर से छेड़खानी, रैगिंग, उत्पीड़न व पढ़ाई संबंधी शिकायतें तेजी से बढ़ती जा रही हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रबंधन की ओर से शिकायतों का समाधान नहीं किया जाता है।

अधिकांश छात्राओं ने इस तरह की शिकायतें विश्वविद्यालय को भेजी हैं। कॉलेजों में शिकायतें सुनने के लिए महिला सेल तो बनाई हुई है, लेकिन कई बार सही स्थिति नहीं पता होने के कारण वह कोई कार्रवाई नहीं कर पाती।
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यूं होगा शिकायतों का समाधान

छात्राएं यदि शिकायत कॉलेज की ऑनलाइन पोर्टल पर करेंगी तो इसका संदेश विश्वविद्यालय की साइट पर भी अलर्ट होगा। अगर 48 घंटे के दौरान शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी तो विवि की ओर से शिकायत को लेकर कॉलेज को रिमांडर भेजा जाएगा। इसके बाजवूद भी प्रबंधन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई तो जिम्मेदारी उसकी होगी।

महिला सेल की मीटिंग होगी हर माह
कॉलेज में छात्राओं की शिकायतों को लेकर महिला सेल की हर माह एक मीटिंग होगी, ताकि किसी भी समस्या को लेकर विचार-विमर्श किया जा सके। इतना ही नहीं सेल से जुडे़ प्रोफेसरों को भी किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने का प्रयास करना होगा। महिला सेल की ओर से समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित करने होंगे।

गंभीर है प्रबंधन
गर्ल्स स्टूडेंट्स के लिए कॉलेज में अलग-अलग सेल बनाए हुए हैं। यूजीसी के आदेश पर जल्द ही ऑनलाइन शिकायत पोर्टल बनाया जाएगा।
-डॉ. इंद्रजीत यादव, प्राचार्य, खरकड़ा कॉलेज
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