परीक्षाओं का ‘मौसम’ आते ही छात्रों पर तैयारी का दबाव तारी होने लगता है। बेहतर अंक हासिल करने का तनाव बढ़ जाता है।
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इस तनाव और दबाव को कम करने के लिए सीबीएसई बोर्ड अपने छात्रों को खास सहूलियत देता है। बोर्ड की वेबसाइट पर हर विषय के टॉपर की आंसर शीट अपलोड की जाती है।
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हालांकि, इसमें प्राप्तांक हटा दिए जाते हैं। इन कॉपियों के जरिये छात्र विषयवार जवाब लिखने का तरीका जानकर अपनी तैयारी कर सकते हैं।
तैयारी के टिप्स ये भी
- जितने भी कार्यदिवस बचे हैं उनके मुताबिक कैलकुलेटिव तैयारी पर फोकस करें। मसलन, यदि एक मार्च से पेपर हैं और 5 जनवरी से 15 फरवरी तक भी सभी सब्जेक्ट का शेड्यूल बनाते हैं तो तैयारी के लिए 40 दिन मिल जाएंगे।
- प्रतिदिन प्रति विषय के हिसाब से कम से कम दो अंकों की तैयारी भी करेंगे तो 40 दिन में 80 अंकों की तैयारी पूरी हो जाएगी।
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- इसके बाद बची हुई कमियों को परीक्षा के बीच के गैप में दूर किया जा सकता है।
- फिजिक्स, कैमिस्ट्री और बायोलॉजी में वर्किंग डे के हिसाब से अगर 80 अंक की तैयारी हो रही है तो बचा हुआ समय मैथमेटिक्स और बिना प्रैक्टिकल वाले अन्य विषयों को दिया जा सकता है। इनमें सौ नंबर की तैयारी करें।
- हर दिन, हर सब्जेक्ट को कम से 45 से 50 मिनट का वक्त देना होगा, यानी हर रोज कम से कम चार घंटे की स्टडी जरूरी होगी।
- तैयारी के बाद बोर्ड में गत पांच वर्षों के पेपरों की स्टडी जरूर करें। इससे आसानी से प्रश्नपत्र के प्रारूप का अंदाजा लगाया जा सकता है।
- सीबीएसई की वेबसाइट पर उच्चतम अंक वाले छात्र की आंसर शीट अपलोड होती है। इसे देखकर जवाब देने का तरीका सीखा जा सकता है।
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- पढ़ें तो यूनिट के हिसाब से तैयारी करें, किसी भी यूनिट को तैयार करते वक्त पूर्ण रूप से तैयार करें।
- प्रीपेरेशन पूरी हो जाए तो फरवरी के प्रथम सप्ताह में कोई भी सैंपल पेपर साढ़े दस से डेढ़ बजे के बीच जरूर सॉल्व करें और उसे अपने अध्यापक से चेक करा लें। इससे समय प्रबंधन और गलतियां सुधारने का मौका मिल जाएगा।
(जैसा दून इंटरनेशनल स्कूल के उप प्राचार्य और शिक्षाविद् दिनेश बड़थ्वाल ने बताया)