डा. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी यूपीएसईईई एंट्रेंस एग्जाम कराएगी। यूनिवर्सिटी ने एग्जाम में कई बदलाव किए हैं।
इसमें काउंसलिंग से बची सीटों पर कॉलेज अब खुद अपने स्तर से दाखिले कर सकेंगे। साथ ही अन्य प्रदेशों के स्टूडेंट्स को आकर्षित करने के लिए दूसरे प्रदेशों में भी एग्जाम सेंटर बनाया जाएगा।
प्रदेश के टेक्निकल कॉलेजों में इस बार सीटें न भर पाने की समस्या नहीं रहेगी। एपीजेएकेटीयू ने काउंसलिंग की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। काउंसलिंग प्रक्रिया में कई बदलाव भी किए गए हैं।
यूनिवर्सिटी के कुल सचिव केके चौधरी के मुताबिक काउंसलिंग के बाद यदि सीटें बचती हैं तो कॉलेज अपने स्तर से एडमिशन लेंगे। इसमें वह एआईईईई और यूपीएसईई की रैंक और इंटरमीडिएट में मिले मार्क्स आधार बनेंगे।
प्रदेश के बाहर के छात्रों के लिए सभी प्रदेशों में एग्जाम सेंटर बनाया जाएगा। 15 प्रतिशत मैनेजमेंट कोटा खत्म करके ये सीटें भी काउंसलिंग से भरी जाएंगी।
अभी तक एआईईईई कोटे में प्रदेश के बाहर के छात्रों के लिए 10 प्रतिशत एडमिशन का कोटा आरक्षित था। इस बार बदलावा हुआ है। 10 प्रतिशत सीटें भी यूपीएसईई काउंसलिंग से ही भरी जाएंगी।