फर्जी पंजीकरण पर रोक लगाने में शिक्षा विभाग कामयाब नहीं हो पा रहा है। डीआईओएस कार्यालय की नाक के नीचे विद्यालय फर्जी पंजीकरण कर रहे हैं।
पंजीकरण होने के बाद विद्यालय स्टूडेंट्स को प्रवेशपत्र तक नहीं दे रहे हैं। त्रिवेणी नगर स्थित व्हाइट हॉल स्कूल ने यूपी बोर्ड की मान्यता लिए बगैर दर्जनों स्टूडेंट्स को दूसरे कॉलेज से फॉर्म भरवाए हैं।
कॉलेज में प्रवेश लेने के लिए पहुंच रहे छात्रों को टरकाया जा रहा है। शनिवार को सभी पीड़ित छात्रों ने अलीगंज थाने में पहुंचकर अपना दुखड़ा रोया लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली।
त्रिवेणी नगर में आठवीं तक की मान्यता पर व्हाइट हॉल स्कूल ने अपने यहां हाईस्कूल और इंटरमीडिएट छात्रों के फॉर्म भी भरवा रखे हैं। स्टूडेंट्स को यह भी नहीं बताया गया है कि उनके फॉर्म किस कॉलेज से भरवाए गए हैं।
सोमवार से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होनी हैं। ऐसे में स्टूडेट्स प्रवेशपत्र के लिए चार दिनों से कॉलेज के चक्कर काट रहे हैं। रोजाना उन्हें कुछ न कुछ बहाना बताकर टाला जा रहा है।
शनिवार को भी जब प्रवेशपत्र नहीं दिया गया तो सारे छात्र अलीगंज थाने पहुंचे। पुलिस ने मामला डीआईओएस कार्यालय से संबंधित होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
स्टूडेंट्स के अनुसार कॉलेज में उन्हें यह भी नहीं बताया गया है कि उनके फॉर्म कहां से भरवाए गए हैं। छात्रों के अनुसार प्रवेश पत्र न मिलने के कारण उनके भविष्य पर संकट मंडरा रहा है।