हमारे देश में मातृभाषा का क्या हाल है इसका अंदाजा देहरादून के सबसे बड़े कॉलेज के छात्रों में हिंदी की समझ को देखकर लगाया जा सकता है।
छात्र संख्या के लिहाज से देहरादून के सबसे बड़े डीएवी कॉलेज में व्यवस्थाओं, प्रबंधन और प्राचार्य के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्र नेताओं ने बुधवार को मटका फोड़ कर प्रदर्शन किया।
इस दौरान यह भी सामने आ गया कि छात्रों में हिंदी की कितनी समझ है।
हिंदी में अनाड़ी निकले डीएवी के छात्र
डीएवी के छात्र नेता हिंदी में अनाड़ी हैं, यह बात प्रदर्शन के दौरान साबित हुई।
छात्रों ने हाथ से बनाए हुए पोस्टरों पर हिंदी में कई नारे लिखे थे, जिसमें तमाम गलतियां थीं। एक पोस्टर पर लिखा था ‘प्रार्चाय के पापो का घडा’।
अन्य पोस्टरों की भी यही स्थिति थी।
इस दौरान छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले डीएवी के छात्र नेता मटकियों के साथ कॉलेज पहुंचे।
प्राचार्य के कक्ष के सामने छात्रों ने फोड़े मटके
उन्होंने एक मटके पर मैनेजमेंट भ्रष्टाचार, दूसरे मटके पर कॉलेज प्राचार्य के पाप और तीसरे मटके पर कॉलेज की अव्यवस्थाएं लिखा हुआ था।
हंगामे और नारेबाजी के बीच कॉलेज प्राचार्य के कक्ष के सामने ही छात्र नेताओं ने यह मटके फोड़ दिए।
इस कड़ी में जल्द ही छात्र नेता वर्ष 1995 के बाद के सभी छात्रसंघ पदाधिकारियों को भी कॉलेज में बुलाकर आंदोलन में समर्थन मांगने जा रहे हैं।
इस अवसर पर सिद्धार्थ राणा, नितिन जोशी, अंशुल चावला, जितेंद्र कुमार रिकूं, देवेंद्र बिष्ट, सतीश पंत, महेंद्र राणा माही, शुभम ठाकुर, मोहन भंडारी, राघव सूद और आकाश आदि मौजूद रहे।