एसएफआई की राज्य कमेटी ने एचपीयू से दो दिनों में छात्र संघ चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग की है। रूसा सहित यूजी की अन्य कक्षाओं के परीक्षा परिणाम घोषित किए बिना ही एचपीयू प्रशासन छात्र से अंडरटेकिंग लेकर चुनाव लड़ने का मौका दे।
इस सुझाव के साथ एसएफआई ने जल्द से जल्द चुनाव करवाने पर फै सला लेने के साथ चुनाव का शेडयूल घोषित करने की मांग की है। राज्य सचिव मुनीष, सह सचिव खुशी वर्मा, पुनीत धांटा और विवेक राणा ने कहा कि जल्द चुनाव होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि रूसा प्रथम और द्वितीय सत्र के साथ बीए और बीसीए द्वितीय वर्ष के परिणाम घोषित न होने के लिए विवि प्रशासन जिम्मेदार है, छात्रों से उनके लोकतांत्रिक अधिकार से महरूम नहीं किया जा सकता।
चुनाव लड़ने वाले छात्रों से लिखित में अंडरटेकिंग लें कि परीक्षा में फेल होने पर उसे पद छोड़ना होगा। अभी तक विवि प्रशासन ने चुनाव करवाने या न करवाने पर कोई बयान नहीं दिया है। यदि वह चुनाव बंद किए तो इसका विरोध होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि एनएसयूआई और एबीवीपी दोनों संगठन लगातार प्रदेश में सत्तासीन रही सरकारों के छात्र विरोधी फै सलों का समर्थन करते रहे है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुलपति के तीन साल के कार्यकाल विवि में आर्थिक संकट से गहराया है।
छात्रों की सुविधाएं कम हुई फीसें कई गुणा बढ़ाई गई है। एमबीए ग्रामीण विकास जैसे विभागों में कक्षाएं लगाने तक को कमरे उपलब्ध नहीं है। शिक्षक, क्लास रूम जैसी सुविधाएं तक नहीं है। कुलपति और ईसी में बैठे सरकार के नुमाइंदे ईसी में छात्र विरोधी फैसले लेते रहे है।