फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेएनयू: छात्र संघ अध्यक्ष पद के सात उम्मीदवार

Thu, 04 Sep 2014 03:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनावों में हॉस्टल, स्कॉलरशिप, हेल्थ सेंटर समेत महिला सुरक्षा का मुद्दा चुनावी दंगल में गूंजेगा। जेएनयू कैंपस में बुधवार को चुनाव आयुक्त ने छात्रसंघ चुनावों के लिए सेंट्रल पैनल समेत स्कूल काउंसलर्स पद के प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी।
विज्ञापन


अध्यक्ष पद के लिए सात, वाइस प्रेसीडेंट, जनरल सेक्रेटरी, ज्वाइंट सेक्रेटरी पद के लिए पांच-पांच उम्मीदवार चुनावी दंगल में हैं। जबकि स्कूल काउंसलर्स के पांच पदों के लिए सौ उम्मीदवार मैदान में हैं। प्रेसीडेंट के लिए एकमात्र महिला रोहिला प्रवीण मैदान में हैं, जिसे लेफ्ट प्रोग्रेसिव एलाइंस ने मिलकर उतारा है।

जेएनयू के लाल दुर्ग में बुधवार शाम चुनाव आयुक्त दिलीप कुमार मौर्या ने चुनावी दंगल में प्रत्याशियों के नामों की सूची जारी करते हुए 12 सितंबर को छात्रसंघ चुनावों की विधिवत घोषणा कर दी। प्रत्याशियों के नामों की घोषणा होते ही विभिन्न छात्र संगठनों ने घोषणा पत्र भी जारी कर दिए।
विज्ञापन


जेएनयू छात्रसंघ चुनावों में जहां लेफ्ट समेत अन्य छात्र संगठन आइसा को प्रेसीडेंट व ज्वाइंट सेक्रेटरी के सेक्सुअल हरासमेंट मामले में नाम आने पर घेरने की रणनीति बना चुके हैं तो अन्य मुद्दों में हॉस्टल की कमी, एमसीएम में स्कॉलरशिप राशि बढ़ाना, कैंपस में 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने, हॉस्टल को वाई-फाई से जोड़ने, आरक्षित वर्गों को फीस समेत हॉस्टल राशि भी फ्री करवाने, महिला सुरक्षा, इंटरनल बस सेवा आदि शामिल रहेंगे।

कैंपस में स्कूल समेत हॉस्टल, ढाबों में बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। एनएसयूआई व आइसा समेत लेफ्ट प्रोग्रेसिव एलाइंस मोदी के नाम पर एबीवीपी को घेरेगा तो एनएसयूआई को यूपीए सरकार की नाकामियों के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।

एबीवीपी बदलवाएगा पाठ्यक्रम
एबीवीपी ने कहा है कि सत्ता में आने के बाद जेएनयू के पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाएगा। एबीवीपी प्रतिनिधियों का मानना है कि वर्तमान में यहां का पाठ्यक्रम छात्रों को लेफ्ट की विचारधारा की ओर धकेलता है।

आइसा के सामने लेफ्ट का साझा मोर्चा
आइसा को झटका देने के लिए जेएनयू समेत देश के छात्र संगठन चुनावों में पहली बार एआईएसएफ, डीएसएफ व एफएसजे ने हाथ मिलाया है। लेफ्ट विचारधारा से प्रभावित तीनों संगठनों ने जेएनयू में आइसा का वर्चस्व को खत्म करने के लिए हाथ मिलाया है। एसएफआई से जेएनयू एसएफआई व बाद में डीएसएफ पार्टी के नाम से कैंपस में चुनाव लड़ने वाली पार्टी समेत पूर्व जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष लेनिन के मुताबिक, तीन लेफ्ट संगठन आइसा का लाल दुर्ग से खात्मा करेंगे। हॉस्टल, महिला सुरक्षा, सेक्सुअल हरासमेंट, हेल्थ सेंटर, स्कॉलरशिप राशि बढ़ाने आदि मुद्दों को लेकर आइसा को घेरने की रणनीति बन चुकी है।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें