पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) एफिलिएटेड कालेजों में अंडर ग्रेजुएट कक्षाओं में जुलाई 2014 से सेमेस्टर सिस्टम लागू होने जा रहा है। रविवार को पीयू सीनेट में कई कालेज प्रिंसिपल और सीनेटर के कड़े विरोध और जोरदार हंगामे के बावजूद सेमेस्टर सिस्टम लागू करने के प्रस्ताव पर सीनेट में मुहर लग गई।
कालेजों में पीजी कोर्स में दो साल पहले से ही सेमेस्टर सिस्टम लागू है। सीनेट बैठक में कालेजों के साथ-साथ पीयू स्थित यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (यूसोल) में भी सेमेस्टर सिस्टम इसी सत्र से लागू किया जाएगा।
सेमेस्टर सिस्टम प्रथम वर्ष से लागू किया जाएगा। हर साल करीब एक लाख स्टूडेंट पीयू एफिलिएटेड कालेज और यूसोल से अंडर ग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लेते हैं। पीयू सिंडीकेट ने पहले ही इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी थी।
यूसोल को नहीं दिया एक साल का समय
सीनेट में कालेजों के साथ ही यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (यूसोल) में भी सेमेस्टर सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव आया। लेकिन यूसोल चेयरमैन डा. ललित कुमार बंसल ने अभी सेमेस्टर सिस्टम के लिए तैयारी नहीं होने का हवाला देते हुए एक साल की मोहलत मांगी। इस मामले पर सीनेटर मैन्युअल नाहर और प्रो. केशल मल्होत्रा ने भी उनका समर्थन किया।
प्रो. ललित बंसल ने कहा कि यूसोल विद्यार्थियों के नए सिरे से नोट्स तैयार करने के लिए 6 महीने से अधिक का समय लगेगा। बंसल ने इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी का हवाला भी दिया। लेकिन पंजाब के कई कालेज प्रिंसिपल ने इसका जबर्दस्त विरोध किया।
डा. एसएस रंधावा ने कहा कि यूसोल में सेमेस्टर लागू करने पर एक छात्र को तीन साल तक यूसोल के माध्यम से ही पढ़ाई करनी होगी। आरएस झांझी और डा. सुरजीत सिंह रंधावा ने भी यूसोल में भी एक सेमेस्टर सिस्टम लागू करने की मांग की।।
आखिर में पीयू कुलपति ने कालेजों के साथ ही यूसोल में भी एक साथ सेमेस्टर सिस्टम का प्रस्ताव रखा। जिसे अधिकतर सीनेटर ने मंजूर कर लिया।
सेमेस्टर के लिए तैयार होगा इंफ्रास्ट्रक्चर: कुलपति
पीयू नॉन टीचिंग प्रधान दीपक कौशिक ने सीनेट में सेमेस्टर सिस्टम के लिए नॉन टीचिंग के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि सेमेस्टर सिस्टम के लिए अलग विंग बनान होगी।
जिसमें एक्सपर्ट स्टॅफ की जरूरत होगी। कुलपति ने सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। प्रो.अरुण ग्रोवर ने यूसोल चेयरमैन को भी सेमेस्टर सिस्टम के लिए पूरा सहयोग देने की बात कही।