यूपीटीयू की ओर से होने वाली राज्य प्रवेश परीक्षा के फॉर्म इस बार फरवरी से ही मिलने शुरू हो जाएंगे। हर वर्ष यह फॉर्म मई तक आने के कारण दाखिले की प्रक्रिया में देरी हो जाती थी।
इसलिए यूपीटीयू ने यह फैसला लिया है। गुरुवार को इस फैसले पर उत्तर प्रदेश प्राविधिक तकनीकी विश्वविद्यालय की प्रवेश समिति ने मुहर लगा दी।
विवि प्रशासन का मानना है कि फरवरी में फॉर्म आ जाने से छात्रों को आवेदन का अधिक मौका मिल सकेगा। हर वर्ष यूपीटीयू राज्य प्रवेश परीक्षा के फॉर्म मई के आसपास जारी करता है।
प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया और काउंसलिंग होने तक अगस्त आ जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने प्राविधिक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए 15 अगस्त की समय सीमा की गाइडलाइन है।
ऐसे में अगस्त तक काउंसलिंग होने के कारण संस्थानों को सीधे दाखिले से खाली सीटें भरने का मौका नहीं मिल पाता है। इन सारी समस्याओं का निपटारा करने के लिए आवेदन फरवरी में जारी करने का फैसला किया गया है।
बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट आने के बाद काउंसलिंग शुरू कर दी जाएगी। इससे इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीटें भरने में काफी आसानी होगी और छात्रों के आवेदन की संख्या में भी इजाफा होगा।
बैठक में एमबीए की सीटों पर अलग से मैनेजमेंट एंट्रेंस एग्जाम कराने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया।
प्रवेश समिति का तर्क था कि एसईई में पहले से ही एमबीए की 30 हजार सीटों की अपेक्षा छह हजार आवेदन ही आए थे। ऐसे में एमबीए की सीटों पर अलग से प्रवेश परीक्षा कराने का कोई तुक नहीं है।