सूबे के विश्वविद्यालय जरूरत के हिसाब से बीए, बीएससी और बीकॉम की सीटें बढ़ा सकेंगे।
सीटें अधिकतम 33 प्रतिशत ही बढ़ाई जा सकेंगी। इस संबंध में शासन स्तर पर सहमति बन गई है और शीघ्र ही शासनादेश जारी करने की तैयारी है।
प्रदेश में हर साल बीए, बीएससी और बीकॉम में प्रवेश को लेकर मारामारी मचती है।
इस बार भी यही हाल है। सीबीएसई से परीक्षा पास करने वाले छात्रों से सीटें पहले भर जाती हैं, नतीजतन यूपी बोर्ड के छात्रों को प्रवेश में दिक्कतें आती हैं।
विश्वविद्यालयों ने शासन से अनुरोध किया था सीटें बढ़ाने के संबंध में शीघ्र ही अनुमति दी जाए ताकि प्रतीक्षा सूची वाले छात्रों को प्रवेश दिया जा सके।
इसके आधार पर ही शासन विश्वविद्यालयों को यह निर्देश देने की तैयारी में है कि वह स्नातक प्रथम वर्ष के प्रत्येक कोर्स में 60 से 80 सीटें अपने स्तर पर बढ़ सकेंगे।