फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शाबाश स्टूडेंट्स! परिस्थितियां प्रतिकूल, फिर भी बने टॉपर

Tue, 26 May 2015 10:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
जनवरी में 12वीं की परीक्षाओं की तैयारियां शुरू ही की थी कि पापा के गले में कैंसर का पता चला। तैयारी तो दूर की बात, स्कूल से भी छुट्टियां लेनी पड़ीं। रोज सुबह-शाम पापा को रेडियोथैरेपी करवाने पीजीआई ले जाता था। दिन में भी काफी समय देखभाल में ही गुजर जाता।
विज्ञापन


खर्च से भी मोहताज होने लगे तो शाम को स्कूल से आने के बाद पापा की गारमेंट्स की फड़ी का काम संभाल लिया। जो थोड़ा बहुत समय बचता उसी पढ़ाई का यह नतीजा आया है।

सेक्टर-26 स्थित सेंट जोंस स्कूल में इकोनोमिकल वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) के तहत पढ़ रहे 12वीं के स्टूडेंट मोहित जैन ने रिजल्ट के बाद अपनी कहानी बयां की।
विज्ञापन


मोहित ने नॉन मेडिकल में 80 प्रतिशत अंक लाकर सभी को चौंका दिया। मोहित की इस उपलब्धि पर स्कूल भी गदगद है। मोहित ने बिना किसी कोचिंग के ये अंक प्राप्त किए हैं।

पंचकूला सेक्टर-17 की राजीव कॉलोनी निवासी मोहित ने बताया कि पहले उनके पिता कृष्ण जैन को टीबी थी। इस कारण काम नहीं कर पाते थे। मां हाउसवाइफ होने के कारण घर में ही व्यस्त रहती थी। मौली जागरां में रेहड़ी फड़ी का काम उसी ने संभाला।

पिता नहीं, मां फैक्टरी में करती है काम, 77 %

जिंदगी में सपने सच करने की चाहत हो तो विपरीत हालात में भी इंसान मंजिल पा लेता है। सेक्टर-24 स्थित एनजीओ थिएटर एज से जुड़े दो स्टूडेंट्स ने 12वीं के रिजल्ट में यह साबित कर दिखाया।

नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) से कोर्स कर थिएटर में कैरियर बनाने के इच्छुक रोहित शर्मा ने नॉन मेडिकल में 77 फीसदी अंक हासिल किए। रोहित ने बताया कि पिता हैं नहीं और मां फैक्टरी में काम करके घर का खर्च चलाती हैं। ऐसे में मेंटर जुल्फीकार खान की प्रेरणा काम आई और पढ़ाई में दिल लगा रहा।

वहीं, थिएटर एज के दूसरे छात्र सेक्टर-25 कॉलोनी निवासी रोहित ने 66 फीसदी अंक हासिल किए। सब्जी विक्रेता के बेटे रोहित ने बताया कि ग्रेजुएशन के बाद पुलिस विभाग में ज्वाइन करना जीवन का सपना है।

उधर, थिएटर एज के हेड जुल्फीकार खान ने बताया कि शहर के लोगों के घरों से रद्दी बेचकर बच्चों की पढ़ाई का खर्च पूरा किया जाता है। सेक्टर-24 गवर्नमेंट स्कूल में शाम को इन स्टूडेंट्स की हर रोज क्लास लगती है।
विज्ञापन

बहन की अचानक मौत, फिर भी 70 प्रतिशत

बहन की अचानक मौत के बाद पवनीत कौर डिप्रेशन में चली गई थी। उसने परीक्षा में अपीयर न होने का मन तक बना लिया था। वह अंदर से काफी टूट चुकी थी। इसके बाद टीचरों ने उसे मोटिवेट किया। उसे जिंदगी के नए तरीके से जीवन जीने की ट्रेनिंग दी गई।

नतीजा यह रहा कि उसने 12वीं कक्षा की परीक्षा में ह्यूमेनिटीज ग्रुप में 70 अंक हासिल किए। स्कूल मैनेजमेंट ने छात्रा को बधाई दी। साथ ही उम्मीद जताई कि वह आगे भी इस तरह प्रदर्शन जारी रखेगी। साथ ही वह अपने लक्ष्य तक पहुंचेगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें